ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, किसानों के सामने आजीविका का संकट।
खेड़ी रामोशी में जमीन विवाद, 100 साल पुराने कब्जे के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही के आरोप। विभिन्न समस्याओं को लेकर जयस के बैनर तले सौंपा ज्ञापन।

बैतूल। जिले में विभिन्न समस्याओं को लेकर जयस संगठन के बैनर तले प्रदेश संयोजक जामवंत सिंह कुमरे के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में किसानों की फसल नुकसान, निजी क्लिनिकों की अनियमितता, जमीन विवाद और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कई किसानों की पूरी फसल नष्ट हो चुकी है।
मुलताई के प्रभात पट्टन क्षेत्र में एक निजी क्लिनिक के डॉक्टर पर इलाज के दौरान महिला से अनुचित व्यवहार और छेड़छाड़ का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही क्षेत्र में संचालित अन्य निजी क्लिनिकों में बिना पंजीकरण और अनुमति के इलाज किए जाने, योग्य डॉक्टरों की अनुपस्थिति और नियमों के उल्लंघन की शिकायत भी की गई है।
खेड़ी रामोशी गांव में आदिवासी समुदाय की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। ज्ञापन के अनुसार संबंधित जमीन पर आदिवासियों का करीब 100 वर्षों का कब्जा है, लेकिन तहसीलदार प्रभात पट्टन द्वारा वर्ष 2025-26 के प्रकरण में मौके पर क्रेता का कब्जा बताया गया। साथ ही जरूरी दस्तावेज जैसे चालान फीस की प्रति, 1972-73 का अधिकार अभिलेख और मिसल बंदोबस्त की प्रति संलग्न नहीं होने पर पटवारी और तहसील स्तर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
जिला चिकित्सालय में डॉ. धाकड़े द्वारा प्रसूता की मौत के मामले में 15 नवंबर को प्रभारी मंत्री द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर लिखित जवाब मांगा गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इन सभी समस्याओं को लेकर पहले भी संबंधित विभागों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। ऐसे में कलेक्टर से मांग की गई है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।




