एपीजे अब्दुल कलाम ग्रुप ने जीती रोलिंग ट्रॉफी।
मिस्टर-मिस एसबीआईटीएम बने प्रणय सोलंकी और रिया परिहार। मिस्टर-मिस चार्मिंग बने हर्षद बांके और आर्या गुप्ता। आगाज-2026 का सफल समापन, रंगारंग कार्यक्रमों ने बांधा समां। मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण गुगनानी ने छात्रों को किया प्रेरित।

बैतूल। जिले के तकनीकी शिक्षा महाविद्यालय श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी एक सप्ताह से आयोजित वार्षिक महोत्सव आगाज-2026 का सफल समापन हुआ। अंतिम दिन आयोजित कल्चरल कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं एवं कॉलेज स्टाफ के स्वरूचि भोज से हुई। मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी डॉ. प्रवीण गुगनानी शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में इंजीनियरिंग छात्रों को समाज कल्याण के लिए किए गए अपने अनुभवों, विदेश यात्राओं और उपलब्धियों के बारे में बताया तथा भारत की संप्रभुता से जुड़े प्राचीन और आधुनिक तथ्यों को समझने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. जे. शाह ने वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद सप्ताह भर आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रो. वी. के. पांडे, वाइस प्रिंसिपल प्रो. शशांक माने, अकादमिक डीन प्रो. भावेश खासदेव सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और प्राध्यापक उपस्थित रहे।
सप्ताह भर के खेलों में एक बार फिर एपीजे अब्दुल कलाम ग्रुप अजेय रहा और उसे एसबीआईटीएम की वार्षिक रोलिंग ट्रॉफी प्रदान की गई। ग्रुप के प्रभारी प्रो. हंसराज धाड़से और उनकी टीम को यह ट्रॉफी सौंपी गई।
कल्चरल कार्यक्रम में प्रणय सोलंकी और रिया परिहार को मिस्टर और मिस एसबीआईटीएम चुना गया, जबकि हर्षद बांके और आर्या गुप्ता को मिस्टर और मिस चार्मिंग का खिताब मिला। कार्यक्रम के अंत में कल्चरल प्रभारी प्रो. ललित आर्य और खेल प्रभारी प्रो. संदीप करौले ने सभी हाउस इंचार्ज, टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से प्रो. अनिरुद्ध दारुड़कर, प्रो. हेमंत दवंडे और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम का संचालन प्रो. हंसराज धाड़से और प्रो. सोनाली राठौर ने किया। आयोजन में प्रो. रवि कुमार मोहने, प्रो. मीना सुने, प्रो. पुष्पा मोंगरकर और प्रो. सौरभ राठौर का भी विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और पूरे आयोजन को उत्साहपूर्ण बनाया।




