आंगनवाड़ी भर्ती में बड़ा खेल उजागर।

अपात्रों की सूची सामने आने के बाद चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल । अपात्र घोषित आवेदिकाओं के नाम से मचा हंगामा । चयन सूची में टॉप होने के बाद भी आवेदिका को नहीं मिला पद, कलेक्टर से शिकायत।

बैतूल। ग्राम सुनारखापा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की भर्ती को लेकर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आवेदिका सागरती वाडिवा ने कलेक्टर से शिकायत कर बताया है कि चयन सूची में उनका नाम प्रथम स्थान पर होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।

आवेदिका ने शिकायत में बताया कि ग्राम सुनारखापा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद के लिए वेकेंसी निकाली गई थी, जिसमें उन्होंने समय पर आवेदन जमा किया था। चयन सूची जारी होने पर उनका नाम प्रथम स्थान पर था और उनके सबसे अधिक अंक भी थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।

उन्होंने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन चयन सूची में जिसका नाम ही नहीं था, उसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति दे दी गई। इसके साथ ही उन्हें दस्तावेज वेरीफिकेशन के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनके दस्तावेज चेक ही नहीं किए गए। केवल पिंकी उईके के दस्तावेज ही जांचे गए, जो पहले से ही अधिकारियों के पास जमा बताए जा रहे हैं।

आवेदिका ने इसे अपने साथ किया गया अन्याय और साजिश बताते हुए कलेक्टर से मांग की है कि चयन सूची में प्रथम स्थान पर होने के आधार पर उन्हें ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति दी जाए।

– अपात्र सूची में नाम होने के बावजूद नियुक्ति का आरोप

जारी दस्तावेज की अपात्र सूची के अनुसार सुनारखापा-01 आंगनवाड़ी केंद्र की चयन प्रक्रिया में चार आवेदिकाओं को अपात्र बताया गया है। कारण में संबंधित ग्राम की स्थायी निवासी नहीं होना तथा दस्तावेजों में गड़बड़ी बताई गई है। खास बात यह है कि अनावेदिका के आवेदन में पिता के नाम और अपलोड दस्तावेजों में अंतर का भी उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।प्रथम स्थान पर नाम आने के आधार पर आवेदिका नियुक्ति की मांग कर रही हैं।

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