पाढर में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण संपन्न। ग्रामीण विकास पर हुआ मंथन, ग्रामीणों ने साझा किये विचार ।

बैतूल। मप्र जन अभियान परिषद के निर्देशानुसार और वर्ष 2025-26 की त्रैमासिक कार्ययोजना के अंतर्गत, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के क्षमता संवर्धन हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कासा रिसोर्स सेंटर, पाढर में किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में घोड़ाडोंगरी एवं पाढर क्षेत्र की ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नरेंद्र उइके, प्रदीप विश्वास और जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वय ब्लॉक समन्वयक संतोष राजपूत द्वारा किया गया।
– ग्रामीण विकास की मजबूत कड़ी हैं समितियां
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री उइके ने कहा कि ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां ग्रामीण विकास की सबसे मजबूत कड़ी हैं। यदि समिति के सदस्य शासन की योजनाओं की सटीक जानकारी रखें और अपने दायित्वों को समझकर कार्य करें, तो गांवों के समग्र विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा मिल सकती है।
वहीं, जबकि प्रदीप विश्वास ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सदस्यों की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे वे शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्षम बनते हैं। उन्होंने सभी से समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जिला समन्वयक प्रिया चौधरी ने ग्राम स्तर पर जनभागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्राम विकास के कार्यों को गति देने की बात कही।
– विषय विशेषज्ञों ने दी तकनीकी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान ग्राम विकास की अवधारणा पर श्याम बेलवंशी ने विस्तार से प्रकाश डाला और विकास कार्यों की दिशा व महत्व समझाया। इसके साथ ही, परामर्शदाता जतिन प्रजापति ने दस्तावेजीकरण के महत्व को समझाते हुए बताया कि किसी भी गतिविधि का सही दस्तावेजीकरण संस्थागत कार्यों को प्रभावी और पारदर्शी बनाता है।
कार्यक्रम का सफल संचालन नवांकुर संस्था (एकता ग्रामीणजन सहयोग संस्था) के संतोष इवने द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथियों द्वारा सभी समिति सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। अंत में आभार प्रदर्शन के साथ इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।





