कम उम्र में विवाह अपराध है, बेटियों को शिक्षित कर सशक्त बनाएं : केंद्रीय मंत्री डीडी उइके…
बाल विवाह मुक्त भारत का संदेश लेकर निकली जागरूकता रथ यात्रा, केंद्रीय मंत्री डीडी उइके ने दिखाई हरी झंडी...

बैतूल। प्रदीपन संस्था द्वारा चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत जागरूकता अभियान के अंतर्गत गुरुवार 5 मार्च को बैतूल से जागरूकता रथ यात्रा की शुरुआत की गई। इस अवसर पर संसदीय क्षेत्र बैतूल एवं हरदा के सांसद तथा केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने रथ को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की औपचारिक रवानगी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार ने की।
केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने इस अवसर पर कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक अभिशाप ही नहीं बल्कि कानूनन अपराध भी है। उन्होंने कहा कि समाज को इस कुरीति से दूर रहना चाहिए और बेटियों को शिक्षित कर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। मंत्री ने कहा कि कम उम्र में लड़कियों का विवाह उनके शिक्षा और विकास में सबसे बड़ी बाधा बनता है। ऐसे विवाह से जन्म लेने वाले बच्चों में कुपोषण तथा शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होने की संभावना भी अधिक रहती है। इसलिए लड़कियों का विवाह कानून द्वारा निर्धारित उम्र में ही किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रदीपन संस्था द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि समाज और बच्चों के हित में कार्य करने वाली संस्थाओं को समाज का सहयोग और समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने बाल विवाह मुक्त जागरूकता रथ यात्रा के सफल संचालन के लिए संस्था को शुभकामनाएं भी दीं।
इस अभियान में सहयोग और योगदान देने वाली मां शारदा समिति की जिला अध्यक्ष हेमा सिंग, शैलेन्द्र बिहारिया, नेहरू युवा केंद्र से धनंजय राजपूत, जिले की महिला सोल्जर पत्रकार गौरी बालापुरे, चन्द्र प्रभा चौकीकर सहित विभिन्न गांवों से आई महिला समूह की सदस्यगण तथा प्रदीपन संस्था की टीम उपस्थित रही।
बाल विवाह मुक्त भारत जागरूकता रथ यात्रा बैतूल से निकलकर धनोरा, भढूस, महतगांव, कहलगांव, खेड़ी, सांवलीगढ़, देवगांव, बोदी, जूनावानी, महुपानी और गोनी घाट में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हुए आगे बढ़ेगी। इसके बाद रथ यात्रा कोदारोटी, कुम्हारा, माथनी और भारत भारती होते हुए पुनः बैतूल वापस पहुंचेगी, जहां इस अभियान के तहत बाल विवाह रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।




