15-20 साल पुराने वाहनों पर भी नए के आधार पर टैक्स वसूली अन्याय: गोलू सोनी।
फाइनेंस रिकवरी में दबंगों के इस्तेमाल पर लगे अंकुश, सरकार से दो टूक मांग।

बैतूल। मध्यप्रदेश में पुराने वाहनों की बिक्री पर परिवहन विभाग द्वारा वसूले जा रहे एक प्रतिशत ट्रांसफर टैक्स को लेकर विरोध तेज हो गया है। भारतीय वाहन खरीदी बिक्री विक्रेता संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोलू सोनी ने साफ कहा है कि अन्य राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में यह अतिरिक्त बोझ वाहन खरीदारों और विक्रेताओं दोनों पर पड़ रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य ने यह टैक्स समाप्त कर अपने नागरिकों को राहत दे दी है।
गोलू सोनी ने कहा कि वर्तमान में पूरे भारत में यह व्यवस्था केवल मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में लागू थी, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने एक प्रतिशत टैक्स समाप्त कर दिया है। ऐसे में मध्यप्रदेश सरकार से अपेक्षा है कि वह भी पुराने वाहनों की बिक्री पर लगाया गया यह टैक्स खत्म कर आम आदमी को राहत दे। उन्होंने सवाल उठाया कि अनाप-शनाप टैक्स वसूली के बावजूद भी प्रदेश पर कर्ज का बोझ कम नहीं हो रहा है, फिर आम नागरिकों पर अतिरिक्त भार क्यों डाला जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब 15 से 20 वर्ष पुराने वाहन की बिक्री पर भी उसकी वर्तमान वास्तविक कीमत के बजाय नए वाहन की तुलना के आधार पर एक प्रतिशत टैक्स वसूला जाता है। इससे वाहन मालिक और खरीदार दोनों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बनता है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है और इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
भारतीय वाहन खरीदी बिक्री विक्रेता संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोलू सोनी ने यह भी आरोप लगाया कि कई निजी फाइनेंस कंपनियां बकाया वसूली के लिए दबंग और गुंडा तत्वों का सहारा लेती हैं। ऐसे मामलों पर सरकार को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए ताकि वाहन मालिकों का उत्पीड़न न हो।




