मनरेगा मजदूरी का एक साल से अटका भुगतान, मजदूरों ने कलेक्टर से की शिकायत;

निर्मलनीर योजना में काम करने वाले मजदूरों ने भुगतान न होने पर उठाई आवाज| ग्राम पंचायत ससाबड़ में सहायक सचिव पर नगद मांगने का आरोप...

 

बैतूल। तहसील आमला के ग्राम ससाबड़ में निर्मलनीर योजना के तहत कार्य करने वाले मजदूरों की मनरेगा मजदूरी एक वर्ष से अटकी हुई है। भुगतान नहीं होने से परेशान मजदूरों ने अब कलेक्टर बैतूल से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। मजदूरों ने ग्राम पंचायत ससाबड़ की सहायक सचिव पर भुगतान से पहले नगद राशि मांगने का गंभीर आरोप भी लगाया है।

ग्राम ससाबड़ निवासी गणेश सूर्यवंशी पिता बिरचंद ने कलेक्टर से शिकायत कर मनरेगा के तहत की गई मजदूरी का भुगतान दिलाने की मांग की है। शिकायत में अनावेदक अर्पणा चौहान, सहायक सचिव ग्राम पंचायत ससाबड़ तहसील आमला का नाम उल्लेखित किया गया है।

मजदूरों का आरोप है कि ग्राम ससाबड़ एवं मोरनढाना के निवासी आवेदकगण ने ग्राम पंचायत ससाबड़ में मनरेगा के अंतर्गत मोरनढाना में निर्मलनीर योजना के शासकीय कार्य में मजदूरी की थी। इस कार्य को किए लगभग एक वर्ष बीत चुका है, इसके बावजूद अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, जबकि पंचायत में अन्य भुगतानों की प्रक्रिया जारी है।

शिकायत में उल्लेख है कि निर्मलनीर योजना में ग्राम के लगभग 15 लोगों की मजदूरी लंबित है। आवेदकों का आरोप है कि सहायक सचिव द्वारा ग्रामवासियों को गुमराह किया जा रहा है तथा सरपंच और सचिव को भी भ्रमित किया जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि पंचायत में भुगतान के लिए फंड उपलब्ध होने के बावजूद मजदूरी नहीं दी जा रही।

आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अनावेदक द्वारा भुगतान से पहले दो दिन की मजदूरी नगद देने का दबाव बनाया गया, यह कहते हुए कि पहले नगद राशि दे दो, तब खाते में मजदूरी की राशि डाली जाएगी।

आवेदकों ने कलेक्टर से मांग की है कि सहायक सचिव का ग्राम पंचायत ससाबड़ से अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए और लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान कराया जाए। शिकायत करने वालों में श्यामवती, गणेश सूर्यवंशी, अनिल, दिनेश ठाकरे, भिक्कू बिंजवे, रविता, शांतीबाई, धर्मेन्द्र और दिनेश जगदीश शामिल हैं।

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