गुदगत रोग शिविर में 580 मरीजों को मिला उपचार, 34 प्रमुख शल्य क्रियाएं हुईं:

बैतूल। जिला आयुर्वेद चिकित्सालय टिकारी, बैतूल में गुदगत रोगों के मरीजों के लिए आयोजित विशेष चिकित्सा शिविर का समापन 14 फरवरी को नगर पालिका उपाध्यक्ष महेश राठौर की उपस्थिति में किया गया। यह शिविर जिला बैतूल कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सहयोग से आयोजित किया गया था। मरीजों का पंजीयन 26 दिसंबर से प्रारंभ हुआ तथा 5 फरवरी से विशेष शल्य शिविर का संचालन शुरू किया गया।

शिविर में आयुर्वेदिक शल्य विशेषज्ञ डॉ. रवि चौकीकर ने बवासीर, फिस्टुला, भगंदर और फिशर जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों का सफल उपचार किया। महिला आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. वर्षा उईके एवं डॉ. प्रियंका कासदे द्वारा महिला रोगियों की शल्य क्रियाएं की गईं। शिविर के दौरान विभागीय कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया।
आयुष विभाग द्वारा आयोजित इस शिविर में कुल 580 मरीजों का पंजीयन कर चिकित्सा की गई। इनमें 34 प्रमुख शल्य क्रियाएं एवं 134 अन्य अनुशस्त्र क्रियाएं की गईं। अनुभवी आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा मरीजों की विस्तृत जांच कर परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. योगेश चौकीकर ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बवासीर जैसी समस्याओं का जड़ से, अपेक्षाकृत कम दर्द वाले आयुर्वेदिक शल्य उपचार के माध्यम से समाधान करना था। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेद शल्य चिकित्सा को बढ़ावा देंगे। जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में शल्य रोग की ओपीडी निरंतर जारी रहेगी। मरीजों ने जांच, दवा और परामर्श व्यवस्था की सराहना की।




