1500 से 2500 रुपये मानदेय पर काम कर रहे चौकीदार-भृत्य, ग्राम पंचायत कर्मचारियों ने रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन
सेवा सुरक्षा और नियमितिकरण को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देने की उठी मांग

बैतूल। जिला मुख्यालय बैतूल में गुरुवार 12 फरवरी को ग्राम पंचायतों में कार्यरत चौकीदार, भृत्य/सफाईकर्मी एवं पंप चालकों ने मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के नाम रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इन कर्मचारियों के मानदेय निर्धारण, सेवा-शर्तों के नियमन तथा शासकीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा प्रदान किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मध्य प्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र के तहत ग्राम पंचायतों में ई-पंचायत परियोजना के संसाधनों की सुरक्षा हेतु चौकीदार तथा दैनिक संचालन, स्वच्छता एवं जल प्रदाय व्यवस्था के लिए भृत्य/सफाईकर्मी एवं पंप चालक नियुक्त किए गए थे। कर्मचारी कई वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें मात्र 1500 से 2500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है।
कर्मचारियों ने इसे न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, श्रम कानूनों और मानवाधिकार सिद्धांतों का उल्लंघन बताते हुए समान एवं न्यायसंगत वेतन व्यवस्था लागू करने, सेवा-शर्तों का निर्धारण, सीएल-ईएल अवकाश, वार्षिक वेतन वृद्धि, पीएफ, ईएसआई, चिकित्सीय सुविधा, पेंशन/बीमा योजना और कार्यस्थल सुरक्षा लागू करने की मांग की। साथ ही वेतन अंतर की एरियर राशि का भुगतान, सेवा सुरक्षा और नियमितिकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने की भी मांग उठाई गई।
रैली का नेतृत्व वासुदेव शर्मा अध्यक्ष आउटसोर्स, अस्थाई कर्मचारी मोर्चा, मध्य प्रदेश, डॉ. अमित सिंह कार्यवाहक अध्यक्ष, राजभाव रावत अध्यक्ष ग्राम पंचायत चौकीदार संघ मध्य प्रदेश एवं यशवंत गेडाम कार्यवाहक अध्यक्ष ने किया।




