आमला-लादी सड़क पर गरमाई राजनीति, सेवादल ने खोला मोर्चा, जिला अध्यक्ष अनुराग मिश्रा का आरोप- भाजपा विधायक के दबाव में हुई कार्रवाई

सेवादल विधानसभा प्रभारी जितेंद्र शर्मा सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर का किया विरोध

बैतूल। आमला-लादी सारणी सड़क निर्माण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सेवादल जिला अध्यक्ष अनुराग मिश्रा ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए पुलिस प्रशासन पर दमनकारी नीति अपनाने और क्षेत्रीय भाजपा विधायक के दबाव में कार्रवाई करने का सीधा आरोप लगाया है। अनुराग मिश्रा ने कहा कि जनता की बुनियादी मांग उठाना अगर अपराध है, तो भाजपा के शासनकाल में यह खुला अन्याय है। उन्होंने सेवादल के विधानसभा प्रभारी जितेंद्र शर्मा सहित समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों पर दर्ज एफआईआर को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

अनुराग मिश्रा ने बताया कि लादी-सारणी सड़क की मांग वर्षों पुरानी है। तीन साल पहले इस सड़क का बाकायदा भूमिपूजन किया गया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों और लोक निर्माण विभाग की अनदेखी से परेशान होकर शुक्रवार को ग्राम रतेड़ाकलां में लगभग 500 ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण चक्काजाम किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।

इस चक्काजाम के बाद आमला-बोरदेही मार्ग बाधित करने के आरोप में पुलिस ने मनीराम कुमरे, दुर्गेश यादव, ओझा महाजन, जितेंद्र शर्मा, अर्जुन उईके, विजय पारधी, राजू सीलू, मनोज यादव, मुकेश यादव, राजेश सरिया, जियालाल यादव सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 189(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

– सफाई व्यवस्था की मांग करने पर भी पुलिसिया कार्रवाई

सिर्फ सड़क ही नहीं, तिरमहू गांव में भी सफाई व्यवस्था की मांग करने पर पुलिसिया कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश है। यहां सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे रविकांत उघड़े, नितिन, संतोष बाराठे, मनोज ठाकरे और भाऊराव सहित छह ग्रामीणों पर भी केस दर्ज किया गया है।

अनुराग मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण कई दिनों से सफाई की मांग कर रहे थे, प्रदर्शन की सूचना दो बार प्रशासन को दी गई, इसके बावजूद अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। समाधान करने के बजाय केस दर्ज कर दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग स्वच्छ लोकतंत्र की बात करते हैं, क्या यही उनका लोकतंत्र है। शांतिपूर्ण मांग पर एफआईआर दर्ज करना साफ तौर पर राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई है, जिसका कांग्रेस अब हर स्तर पर विरोध करेगी।

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