अयोध्या से आए विद्वानों ने विधि-विधान से स्थापित की भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा
सोनाघाटी में पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा संपन्न, विश्वकर्मा लोहार समाज का ऐतिहासिक आयोजन

बैतूल। शहर के सोनाघाटी क्षेत्र में विश्वकर्मा लोहार समाज समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह विधि-विधान और धार्मिक आस्था के साथ संपन्न हुआ। समारोह के अंतिम दिन अयोध्या से आए विद्वानों द्वारा सृष्टि के रचयिता भगवान विश्वकर्मा जी की आकर्षक प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्राण प्रतिष्ठा की गई। 29 जनवरी से प्रारंभ हुए इस आयोजन में पांच दिनों तक नियमित पूजन-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत आयोजित समाज संगोष्ठी में समाज को एकजुट करने, समाज के उत्थान, नशा मुक्त समाज निर्माण, पगड़ी प्रथा बंद करने सहित अन्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिसमें समाजजनों की सर्वसम्मति बनी। जिलाध्यक्ष शंकरलाल चोरेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज को विकासशील और संगठित दिशा में आगे बढ़ाना है।
संगोष्ठी में उपस्थित समाज के गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए समाज को एकजुट रखने, नई पीढ़ी को सही दिशा देने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर बल दिया। युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि समाज के बुजुर्गों के मार्गदर्शन में युवाओं की टीम ने तन, मन और धन से सहयोग करते हुए समाज के प्रत्येक घर से सहयोग लेकर इस भव्य आयोजन को सफल बनाया।
इस अवसर पर समाज की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले, समाज हित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तथा आयोजन में तन-मन-धन से सहयोग करने वाले महानुभावों का अतिथियों एवं समाज के बुजुर्गों द्वारा शाल, श्रीफल और पुष्पहार भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बैतूल जिले सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में विश्वकर्मा लोहार समाज के बंधु पहुंचे, जिन्होंने भगवान विश्वकर्मा जी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और प्रसादी ग्रहण की।




