22 साल से सत्ता में भाजपा, फिर भी अपने अस्पतालों पर भरोसा नहीं: स्पेंसर लाल

बैतूल। आठनेर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में आयोजित रैली में अचानक तबीयत बिगड़ने पर भाजपा नेताओं का सरकारी अस्पताल की बजाय निजी चिकित्सक के पास ले जाना अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार की 22 साल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवालिया निशान बताया है।

जिला कांग्रेस संगठन महामंत्री स्पेंसर लाल ने कहा कि भाजपा को अपने ही सरकारी अस्पतालों पर भरोसा नहीं है। आठनेर में प्रदेश अध्यक्ष की तबीयत बिगड़ी, उन्हें चक्कर आ गए। लेकिन इसके बावजूद भाजपा नेता उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर न ले जाकर सीधे एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। यह साफ करता है कि भाजपा की 22 साल की सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी हालत कर दी है कि खुद भाजपा के बड़े नेता भी उन पर भरोसा नहीं कर रहे।

स्पेंसर लाल ने कहा जब अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भी सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं रहा तो आम जनता का क्या हाल हो रहा होगा, यह खुद समझा जा सकता है। भाजपा ने सत्ता में रहते हुए बड़े-बड़े अस्पतालों के उद्घाटन के दावे किए, करोड़ों के बजट खर्च किए लेकिन हाल यह है कि पार्टी के बड़े नेता सरकारी डॉक्टर की बजाय निजी क्लिनिक में जाते हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल स्वास्थ्य सेवा की नाकामी का नहीं, भाजपा के उस दोहरे चरित्र का सबूत है, जिसमें मंच से जनता को सरकारी योजनाओं पर भरोसा करने की नसीहत दी जाती है लेकिन खुद नेताओं को अपने ही अस्पतालों पर विश्वास नहीं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ आठनेर का मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर आईना दिखाता है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने सरकार से सवाल किया कि जब 22 साल में सरकारी अस्पतालों को ठीक नहीं कर पाए, तब भाजपा को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं। जनता को दिखाने के लिए सरकारी अस्पताल, लेकिन अपने नेताओं के लिए निजी डॉक्टर, यह दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो भाजपा के खिलाफ प्रदेशभर में जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

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