Social worker Harsh Rathore became the president of Sankat Mochan Hanuman Temple Machana Ghat: समाजसेवी हर्ष राठौर बने संकट मोचन हनुमान मंदिर माचना घाट के अध्यक्ष
बैठक में मंदिर सुरक्षा और जीर्णोद्धार को लेकर बनाई विस्तृत योजना, समिति की कार्यकारिणी गठित

बैतूल। शहर के प्रसिद्ध संकट मोचन हनुमान मंदिर मां माचना घाट में समिति की बैठक बुधवार 2 अप्रैल को संपन्न हुई, जिसमें मंदिर से जुड़े सदस्यों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इस बैठक में सर्वसम्मति से समाजसेवी एवं हिंदूत्व प्रेमी हर्ष राठौर को मंदिर समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। हर्ष राठौर बैतूल टॉक्स के डायरेक्टर भी हैं और सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहते हैं। उनके अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद मंदिर के विकास, सुरक्षा व्यवस्था और सुंदरता को लेकर नई योजनाए बनाई गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि हनुमान जन्मोत्सव को इस बार और भी भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस मौके पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। समिति ने तय किया कि इस आयोजन में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को जोड़ा जाए और इसे ऐतिहासिक रूप दिया जाए।
– समिति की नई कार्यकारिणी गठित, हनुमान मंदिर के विकास पर रहेगा पूरा फोकस
इस बैठक में मंदिर समिति की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इसमें शनि साहू को उपाध्यक्ष, साहिल राठौर को कोषाध्यक्ष, पिन्टू ढोमने को सचिव, प्रवीण साहू को उपाध्यक्ष और सोनू यादव को सह सचिव नियुक्त किया गया। सभी ने मंदिर की सेवा और भक्ति कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बैठक के दौरान हर्ष राठौर ने हनुमान जी का विधिवत पूजन और आरती की तथा मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर बैतूलवासियों की आस्था का केंद्र है। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कार्य करेंगे।
– पुरातन मंदिर में हज़ारों भक्तों की अटूट आस्था
मां माचना घाट के नज़दीक स्थित यह हनुमान मंदिर वर्षों पुराना है और इसकी धार्मिक महत्ता अत्यधिक है। बैतूल ही नहीं, आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां हनुमान जी के दर्शन करने आते हैं। हर साल यहां हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। मंदिर समिति ने बैठक में निर्णय लिया कि भविष्य में मंदिर से जुड़े सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा और अधिक से अधिक भक्तों को मंदिर सेवा से जोड़ा जाएगा।




