MP News: मध्य प्रदेश में 19 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी, लो-अल्कोहल बेवरेज बार की नई श्रेणी शुरू

Mp News: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में शराब नीति में बड़े बदलावों की घोषणा की है। इसमें धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी के साथ-साथ लो-अल्कोहल बेवरेज बार की नई श्रेणी शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इन बारों में केवल बीयर और वाइन की बिक्री की जाएगी। इसके अलावा, शराब दुकानों की नीलामी और संचालन से जुड़े कई नए प्रावधान लागू किए जाएंगे।

19 धार्मिक स्थलों पर 47 शराब दुकानें बंद होंगी

सरकार ने 19 नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की 47 शराब दुकानों को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है। इन क्षेत्रों में उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंदसौर, मैहर, चित्रकूट, अमरकंटक, और पन्ना जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा, सलकनपुर, कुंडलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, लिंगा और बरमानखुर्द जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम पंचायत सीमाओं में भी शराब दुकानों और बारों को बंद किया जाएगा।

लो-अल्कोहल बेवरेज बार की नई श्रेणी

शराब नीति में एक नई श्रेणी “लो-अल्कोहल बेवरेज बार” शुरू की जाएगी। इस श्रेणी के बार में केवल बीयर और वाइन की बिक्री की अनुमति होगी। इन बारों के लाइसेंस शुल्क को सामान्य बार के शुल्क का 50% रखा गया है। यह निर्णय राज्य में शराब खपत को नियंत्रित करने और कम-अल्कोहल पेय पदार्थों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।

शराब दुकानों की नीलामी में नया प्रावधान

सरकार ने शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई नए प्रावधान जोड़े हैं।

  1. ई-टेंडर प्रक्रिया: अब शराब दुकानों का निष्पादन पहले नवीनीकरण, फिर लॉटरी, और अंत में ई-टेंडर के माध्यम से किया जाएगा।
  2. 20% मूल्य वृद्धि: शराब दुकानों के वर्तमान मूल्य में 20% की वृद्धि कर 2025-26 के लिए आरक्षित मूल्य तय किया गया है।
  3. 80% राजस्व सुरक्षित: यदि 80% राजस्व सुरक्षित होता है, तो नवीनीकरण किया जाएगा। इससे कम होने पर दुकानें बोली के माध्यम से नीलाम होंगी।
  4. सुरक्षा निधि: केवल ई-चालान और ई-बैंक गारंटी को ही प्रतिभूति राशि के रूप में मान्यता दी जाएगी। साधारण बैंक गारंटी और सावधि जमा (एफडीआर) मान्य नहीं होगी।

पीओएस मशीन और ट्रैकिंग प्रणाली लागू

  1. पीओएस मशीन: समस्त शराब दुकानों पर बिक्री केवल पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन के माध्यम से की जाएगी।
  2. ट्रैक एंड ट्रेस: शराब के स्टॉक और बिक्री की निगरानी के लिए “ट्रैक एंड ट्रेस” प्रणाली लागू होगी।
  3. मोबाइल एप: बारों को अपने शराब स्टॉक की जानकारी आबकारी विभाग के मोबाइल एप पर दर्ज करनी होगी।

स्मार्ट वेयरहाउस की शुरुआत

प्रदेश में विदेशी शराब वेयरहाउस को ऑटोमेटेड किया जाएगा। इन्हें स्मार्ट वेयरहाउस में परिवर्तित कर आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उनके संचालन को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य

मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य में शराब की खपत को नियंत्रित करने, धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने, और शराब बिक्री प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन नीतियों से जहां धार्मिक स्थलों के आसपास का माहौल सुरक्षित और स्वच्छ होगा, वहीं शराब व्यवसाय में भी अधिक पारदर्शिता आएगी।

यह कदम प्रदेश की आबकारी नीति में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जो राज्य में शराब की खपत को नियंत्रित करने और सामाजिक सुधार लाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

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