विंध्या इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म “किताबी मस्ती को मिला तीसरा स्थान
शिक्षा की ताकत को उजागर करती फिल्म की वैश्विक मंच पर सराहना

बैतूल। सीधी जिले में आयोजित विंध्या इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 के 6वें संस्करण में बैतूल के विजय बोड़खे द्वारा निर्देशित फिल्म किताबी मस्ती द व्हिस्पर्स ऑफ चेंज ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। 7 से 10 जनवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित फेस्टिवल में 25 देशों की 250 से अधिक डॉक्युमेंट्री फिल्मों ने हिस्सा लिया। फेस्टिवल ने वैश्विक स्तर पर प्रेरणादायक कहानियों, जानकारी और सामाजिक बदलाव के संदेश को प्रस्तुत किया।

विजय बोड़खे की इस फिल्म ने बेस्ट शॉर्ट डॉक्युमेंट्री श्रेणी में सम्मान हासिल किया। किताबी मस्ती मुस्कान नामक एक लड़की की प्रेरणादायक कहानी है, जिसने भोपाल की झुग्गी-बस्तियों में गरीब बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया। मुस्कान ने महज 9 वर्ष की उम्र में 2016 में एक पुस्तकालय स्थापित किया, ताकि झुग्गी-बस्तियों के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर सकें। फिल्म ने मुस्कान की कठिनाइयों, उनके संघर्ष और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण को खूबसूरती से दिखाया। यह फिल्म भारत में शैक्षिक असमानता जैसे बड़े मुद्दे को उजागर करते हुए, शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति का संदेश देती है। फिल्म के निर्देशक विजय बोड़खे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के छात्र है। फिल्म निर्माण में विजय बोड़खे के साथ आयुष चतुर्वेदी, दीपेश पालीवाल, प्रकाश कटरे, सहायक निर्देशक दिव्यांशी बुंदेला और टीम के अन्य सदस्य सिद्धार्थ देशमुख, प्रदीप डौने और अंशुल यादव शामिल थे। विंध्या इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ने इस साल भी स्थापित और उभरते फिल्म निर्माताओं को अपनी कृतियों को प्रदर्शित करने का अवसर दिया। पर्यावरण, मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे विषयों पर आधारित फिल्मों ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। अमेरिका, जापान, ब्राज़ील और यूरोप की फिल्मों ने भी जलवायु परिवर्तन, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।





