People are being fooled in the guise of a fake tourism company in Betul: बैतूल में फर्जी टूरिज्म कंपनी की आड़ में लोगों को बनाया जा रहा बेवकूफ, मलेशिया ट्रिप के बहाने यात्रियों से चार लाख रुपए की ठगी का मामला आया सामने

बैतूल। टूरिज्म की आड़ में धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मलेशिया ट्रिप के बहाने यात्रियों से लगभग चार लाख रुपए की अवैध वसूली की गई। इस मामले में नागपुर, बैतूल, पाथाखेड़ा और सारणी के 11 यात्रियों ने बैतूल पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। यात्रियों ने बताया कि फर्जी कंपनी द्वारा विदेश टूर के दौरान पूरी सुविधा देने का वादा किया गया था, लेकिन इसके विपरीत टूर के दौरान उनसे जबरन पैसे वसूले गए और विदेश में उन्हें भूखा-प्यासा रखा गया।

मामले में आवेदक गीता चौकीकर, ललिता पाटील, बलवंत पाटिल, रमेश भूमरकर, कमल घोघरकर, आशा चौकीकर, नारायण चौकीकर, अनीता मालती, जगदीश लोखंडे और हेमलता लोखंडे ने शिकायत की है। इन सभी ने ग्राम जामठी निवासी महेश चौरासे पर आरोप लगाया है कि उसने अपनी कंपनी टूर एंड ट्रेवल्स के माध्यम से उन्हें मलेशिया ट्रिप का प्रलोभन दिया।
यात्रियों ने बताया कि टूर प्लान दिल्ली से सिंगापुर, मलेशिया और इंडोनेशिया होते हुए मुंबई से वापस बैतूल लौटने का था। इसके लिए महेश ने पहले ही पूरी राशि ले ली थी। लेकिन चेन्नई पहुंचने पर उसने बताया कि फ्लाइट छूट गई है, जबकि उसने फ्लाइट बुक ही नहीं की थी। इसके बाद उसने यात्रियों से 10-10 हजार रुपए और वीजा के नाम पर 3,500 रुपए प्रति व्यक्ति से वसूले।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मलेशिया पहुंचने के बाद महेश ने यात्रियों को उनकी मूल योजना के विपरीत टूर में शामिल किया और खाने-पीने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने बताया कि वहां मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनसे बार-बार पैसे वसूले गए।
– लिखित आश्वासन के बावजूद नहीं लौटाए पैसे
यात्रियों ने बताया कि महेश चौरासे ने 27 नवंबर 2024 को लिखित में पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई राशि वापस नहीं हुई। यात्रियों का कहना है कि महेश की इस धोखाधड़ी से उन्हें मानसिक और आर्थिक क्षति हुई है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि महेश चौरासे की फर्जी टूरिज्म कंपनी, जिसका कार्यालय बैतूल के खत्री निवास राठी अस्पताल के पास है, इसको बंद कराया जाए। साथ ही, उनके साथ हुई ठगी का प्रतिकर दिलाया जाए। यात्रियों ने यह भी मांग की है कि अन्य लोग इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार न हों, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं।




