Musical night on 11th January: बैतूल में धूम मचाने आ रहे सवाई भट्ट
11 जनवरी को म्यूजिकल नाइट में देंगे बेहतरीन प्रस्तुति

बैतूल। 11 जनवरी को लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित म्यूजिकल नाइट में देश के युवा गायक सवाई भट्ट भी आ रहे हैं। आयोजन समिति संतुलन के अध्यक्ष सजल प्रशांत गर्ग ने बताया कि इनके गानों में इतना दर्द होता है कि श्रोता भी भावुक हो जाते हैं, ऐसे ही राजस्थान के गायक सवाई भट्ट 11 जनवरी को म्यूजिकल नाइट में अपनी प्रस्तुति देंगे।
श्री गर्ग ने बताया कि सवाई भट्ट, जिनकी संघर्ष भरी कहानी और सुरीली आवाज ने लाखों दिलों को छुआ है।इस म्यूजिकल नाइट में उनकी गायकी का जादू देखने के लिए श्रोताओं में उत्साह है। राजस्थान के एक छोटे से गांव से निकलकर इंडियन आइडल तक का सफर तय करने वाले सवाई की कहानी प्रेरणादायक है।
– कठपुतली के कलाकार से राष्ट्रीय गायक बनने का सफर-
आयोजन समिति के कुलदीप भाटिया ने बताया कि सवाई भट्ट का जन्म राजस्थान के नागौर जिले के गच्छीपुरा गांव में एक बेहद गरीब परिवार में हुआ। उनके परिवार की जीविका कठपुतली कला पर निर्भर थी। बचपन से ही उन्होंने अपने पिता के साथ कठपुतली का खेल दिखाया और जागरण में गाना गाकर महज 20 रुपये की आमदनी से परिवार का सहारा बने। गरीबी और कठिनाइयों के बावजूद, सवाई का संगीत के प्रति जुनून कभी कम नहीं हुआ। उनके पास न साधन थे, न मंच, लेकिन उनकी आवाज ने वह कर दिखाया, जो असंभव सा लगता था।
इंडियन आइडल ने बदली किस्मत
श्री भाटिया ने बताया कि सवाई ने इंडियन आइडल सीजन 12 में भाग लिया, जहां उनके पहले ही ऑडिशन ने जजों को भावुक कर दिया। शो के जज विशाल ददलानी, नेहा कक्कड़ और हिमेश रेशमिया ने उनकी गायकी को सराहा और स्टैंडिंग ओवेशन दिया। उनकी गायकी में मौजूद दर्द और सादगी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सवाई ने शो में राजस्थानी लोक संगीत और सूफी गीतों को अपनी अनोखी शैली में प्रस्तुत किया। उनकी आवाज में रूहानी गहराई और लोकसंगीत का मेल हर किसी को भाव-विभोर कर देता था।
युवाओं के प्रेरणा बने सवाई भट्ट
आयोजन समिति के अधिवक्ता राघवेंद्र रघुवंशी ने बताया कि युवाओं के लिए प्रेरणा बने है। सवाई ने अपने शो के दौरान अपने संघर्षों की कहानी साझा की थी। कैसे उन्होंने कठपुतली दिखाने और जागरण में गाने से लेकर एक राष्ट्रीय स्तर के गायक बनने तक का सफर तय किया।
संगीत जगत में नई पहचान
इंडियन आइडल के मंच ने सवाई को देशभर में मशहूर कर दिया। उन्हें कई स्टेज शो और संगीत प्रोजेक्ट्स के ऑफर मिलने लगे। उन्होंने राजस्थानी लोक संगीत को बॉलीवुड धुनों के साथ मिलाकर प्रस्तुत किया और हर मंच पर वाहवाही लूटी। सवाई ने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा अपने गांव के विकास और अपने परिवार की मदद में खर्च किया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनवाना रही, जो उनका सबसे बड़ा सपना था।
बैतूल में प्रस्तुति का इंतजार
सवाई भट्ट अब बैतूल में अपने प्रशंसकों के बीच आ रहे हैं। उनकी प्रस्तुति में लोक संगीत, सूफी गीत और बॉलीवुड गानों का मिश्रण होगा। यह म्यूजिकल नाइट संगीत प्रेमियों के लिए यादगार होगी, सवाई की संघर्ष भरी यात्रा को जानने का भी मौका देगी।




