Mpeb:रामपुरमाल फीडर की बिजली कटौती से किसान परेशान, बड़े आंदोलन की चेतावनी
5 किसान बोले- अगर हालात नहीं सुधरे तो होगा आंदोलन, बिजली कंपनी रहेगी जिम्मेदार

बैतूल। रामपुरमाल फीडर से बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। गेहूं बुवाई के समय से ही यहां के किसान बिजली की अनियमितता से जूझ रहे हैं। इस समस्या को लेकर जिला पंचायत बैतूल के क्षेत्र क्रमांक 6 के सदस्य राजेंद्र कवड़े के नेतृत्व में ग्रामीण ने डिविजनल इंजीनियर को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि रामपुरमाल फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में न तो 24 घंटे की बिजली मिल रही है और न ही 6 घंटे की निर्धारित आपूर्ति हो रही है। कभी-कभी बिजली आती है तो मात्र 10 मिनट के लिए ही रहती है और वोल्टेज इतना कम होता है कि कृषि और घरेलू उपकरण चलाना संभव नहीं हो पाता। किसानों को फसलों की सिंचाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने कहा कि बिजली कटौती की वजह से फसलें सूखने की कगार पर हैं। साथ ही, पंचायत के कार्य भी बाधित हो रहे हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। इस स्थिति में किसानों की नाराजगी बढ़ रही है। ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट किया है कि अगर बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द सुचारू नहीं की गई तो मजबूर होकर वे बड़ा आंदोलन करेंगे। अगर किसी किसान को इस समस्या के चलते आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली कंपनी की होगी।।ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र कवड़े, चंदन प्रजापति, दिलीप गुप्ता, लाला नागवंशी, रामकिशोर, शेखर कुमार, तुलसीराम यादव और अमित कुमरे शामिल थे। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले और बिजली व्यवस्था में तुरंत सुधार कराए।




