Youth Tribal Development Organization submitted memorandum: आदिवासी समाज के गरीबों और कारीगरों के अधिकारों का हो रहा हनन
आरोप- अवैध रेत खनन पर रोक लगाने में असमर्थ हैं खनिज अधिकारी

बैतूल। आदिवासी समाज के गरीब, मजदूर, कारीगर और ग्रामीण किसानों को रेत न मिलने पर युवा आदिवासी विकास संगठन ने नाराजगी जाहिर की है। युवा आदिवासी विकास संगठन के जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह इवने के नेतृत्व में डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्यवाही करने का आग्रह किया गया।
जिला अध्यक्ष जितेंद्र सिंह इवने ने बताया कि नियमों के अनुसार ग्रामसभा की अधिकारिता के तहत आदिवासी समाज के सदस्यों को एक वर्ष में 10 घन मीटर तक रेत अपने निजी मकान निर्माण, मरम्मत और अन्य कार्यों के लिए निशुल्क उपयोग करने की अनुमति है। इसके बावजूद, आदिवासी समाज के लोगों को रेत नहीं दी जा रही है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि आदिवासी समाज के वे लोग जो ईंट बनाने का कार्य करते हैं, उन्हें ग्रामसभा द्वारा रॉयल्टी के बिना रेत उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। लेकिन नियमों और कानूनों की जानकारी न होने के कारण इन लोगों से रॉयल्टी वसूली जा रही है, जो कि गलत है।
जिला अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बैतूल जिले में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन का कार्य जोरों पर है। खनिज अधिकारी इन गतिविधियों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। इससे जिले में अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है, और आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला महासचिव रामदास उइके, महेश शाह उइके, सुनील कवड़े, राहुल कासदे, राजकुमार उइके, भरत कुमार भलावी, महेश कुमार इवने, जगन्नाथ उइके, राजेश और कैलाश भी उपस्थित रहे। युवा आदिवासी विकास संगठन ने मांग की है कि आदिवासी समाज को उनके अधिकार के अनुसार रेत उपलब्ध कराई जाए और अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए।




