AYUSH Department: आयुष विभाग ने किया 308 लाभार्थियों का प्रकृति परीक्षण

आयुष विभाग के चिकित्सा अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका


बैतूल। मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के अंतर्गत बैतूल जिले में देश का प्रकृति परीक्षण शिविर का शुभारंभ 11 दिसंबर 2024 को किया गया। कलेक्टर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में आयुष विभाग ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में प्रभारी जिला आयुष अधिकारी डॉ. योगेश चौकीकर के मार्गदर्शन में कुल 308 लाभार्थियों का प्रकृति परीक्षण किया गया।
आयुष विभाग के नोडल अधिकारी, डॉ. नितिन अतुलकर, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, आमला, शिविर का नेतृत्व कर रहे हैं। इस आयोजन में आयुष सेवाओं की जानकारी देने और परीक्षण करने में विभाग के कई अधिकारियों ने योगदान दिया। शिविर में डॉ. अरविंद कुमार मोहने, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी, डॉ. दीपक कडवे, डॉ. शारदा चौधरी, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, डॉ. अभयदेव इवने, डॉ. रंजीता झरबड़े, सीएमओ डॉ. ललिता धाकड़े, डॉ. जितेंद्र साहू, डॉ. नैन्सी राठौर, डॉ. तरूलता आठनेरे, डॉ. उज्जवला सूर्यवंशी, डॉ. मीनाक्षी चौरसे, डॉ. रविना लहरपुरे, डॉ. कंचन डडोरे, डॉ. प्रफुल सोनी और डॉ. भावना खातरकर ने अपनी सेवाएं दीं।
इसके अलावा, कंपाउंडर श्रीमती मनोरमा मर्सकोले, श्रीमती शशिकला शेंडे, श्रीमती त्रिवेणी कटरे, आयुर्वेद कंपाउंडर श्रीमती सुमन इवने, श्रीमती अनीता पंवार, औषधालय सेवक शिवलाल कुमरे, राजेंद्र सराठे, राहुल खादीकर, हरिप्रसाद भारती, और श्रीमती रीना भारती ने भी इस शिविर में भागीदारी की।
अभियान के तहत 11 दिसंबर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक बैतूल, मुलताई, भैंसदेही, आठनेर, चिचोली, शाहपुर, बैतूल बाजार, घोड़ाडोंगरी और आमला के विभिन्न वार्डों में इस शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिला आयुष अधिकारी डॉ.योगेश चौकीकर ने बताया इन शिविरों का उद्देश्य आम जनता को आयुष सेवाओं की जानकारी देना और उनके स्वास्थ्य का परीक्षण करना है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयुष विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी तत्परता से लगे हुए हैं। इस अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे और आयुष चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता को समझेंगे।

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