Betul news: महिला पर्यवेक्षक ज्योति भालेकर की वापसी की मांग
Half a hundred Anganwadi workers submitted a memorandum

बैतूल। महिला एवं बाल विकास विभाग, परियोजना बैतूल ग्रामीण, सेक्टर जीन की कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए पर्यवेक्षक श्रीमती ज्योति भालेकर को वापस सेक्टर में पदस्थ करने की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 9 नवंबर 2024 को जिला सत्र न्यायालय परिसर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर के दौरान पर्यवेक्षक श्रीमती ज्योति भालेकर की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई।
ज्ञापन के अनुसार, शिविर में उपस्थित कार्यकर्ताओं शशिकला माकोड़े, रुक्मणी कजोड़े, ललिता कबड़े, पर्यवेक्षक बबीता वर्मा (सेक्टर खण्डारा) और कार्यालय के लिपिक राजेंद्र मासोदकर द्वारा षड़यंत्रपूर्वक श्रीमती भालेकर की रिकॉर्डिंग की गई और इसे कार्यालयीन ग्रुप में साझा किया गया। यह घटना पर्यवेक्षक की छवि खराब करने के उद्देश्य से की गई, जिसका परिणाम यह हुआ कि उच्चाधिकारियों ने श्रीमती ज्योति भालेकर को सेक्टर जीन से हटा दिया।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि जिन कार्यकर्ताओं ने षड़यंत्र रचा, उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई, जबकि तीनों कार्यकर्ताओं के कथन पर ही श्रीमती भालेकर को हटाया गया। कार्यकर्ताओं ने इसे अनुचित और अन्यायपूर्ण बताया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि श्रीमती ज्योति भालेकर एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हैं और उन्हें सेक्टर जीन से हटाना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि न्याय सुनिश्चित करते हुए श्रीमती ज्योति भालेकर को पुनः सेक्टर जीन में पदस्थ किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस पूरे प्रकरण की निंदा करते हुए कहा कि यह महिला सशक्तिकरण के मूल्यों के खिलाफ है।
ज्ञापन देने वालों में रेखा काले सुमित्रा, रीमा हरसुले, रेखा शेषकर, निर्मला मालवीय, इमरता परते, शकुंतला चावडे, मीरा दरवाई, लीलावती परते, शशी उइके, गायत्री चौहान, गीता झरबडे, लता खाडे, फुलवंती दहीकर, बबली हरसुले, पुष्पा सनकर, कुसुम बारस्कर, सीता पवार, सुग्गा परते, रसिदा खान, नर्मदा बारस्कर, सोनम वाडिवा, गायत्री बावने, सुकवन्ती आहके, देवनु धुर्वे, निशा धोटे, कुसुम उइके, मीना मालवीय, शीतल राठौर, ललीता कुबडे, रेखा देशमुख, रामकली चंदेलकर, गुंता परपाची, ममता धुर्वे, अनिता सलामे, अर्चना वरवडे, ललीता महाले आदि कार्यकर्ताएं शामिल है।




