सीएम राइज स्कूल के पास डामर प्लांट और क्रेशर पर विधायक ने लिया संज्ञान

Fact Foil - The road is being built by bringing material from the asphalt plant, the city council gave clarification.

बैतूल। घोड़ाडोंगरी के सीएम राइस स्कूल के पास चल रहे डामर प्लांट और गिट्टी क्रेशर से फैल रहे प्रदूषण और हादसे के खतरे पर विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके ने गंभीर रुख अपनाया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही संचालकों से चर्चा कर कलेक्टर से इन प्लांट्स के विस्थापन की मांग की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि फूलगोहान रोड पर करीब 32 करोड़ रुपए की लागत से सीएम राइज स्कूल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। आगामी सत्र से स्कूल संचालन की संभावना जताई जा रही है। लेकिन स्कूल के पास चल रहे गिट्टी क्रेशर और डामर प्लांट से क्षेत्र में प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। गिट्टी क्रेशर से होने वाली ब्लास्टिंग से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।

विधायक गंगा उइके ने कहा कि जब स्कूल बन रहा था, तब इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए था। अब जबकि स्कूल तैयार होने के कगार पर है, ऐसे में डामर प्लांट और क्रेशर संचालकों से चर्चा कर उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कलेक्टर को इस मामले से अवगत कराकर बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इनका विस्थापन सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।

इस बीच, क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड द्वारा एक डामर प्लांट को बिना अनुमति के संचालन के लिए नोटिस जारी किया गया है। बावजूद इसके, उसी प्लांट से मटेरियल लाकर नगर परिषद घोड़ाडोंगरी में सड़क बनाई जा रही है। नगर परिषद के इंजीनियर पंकज सिंह धुर्वे ने बताया कि 3 किलोमीटर लंबी सड़क तिरुपति कंस्ट्रक्शन द्वारा बनाई जा रही है, जिसमें 1300 मीटर सड़क तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को कहीं से भी डामर लाने की स्वतंत्रता है और परिषद को इससे कोई आपत्ति नहीं है।

स्थानीय लोगों ने स्कूल के पास प्रदूषण और ब्लास्टिंग से हो रहे खतरे पर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। विधायक गंगा उइके ने भी कहा है कि बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

प्लांट को नहीं मिली बोर्ड से अनुमति

मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड छिंदवाड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी कैलाश नारायण कटारे ने कहा कि सीएम राइज स्कूल अभी बन रहा है, जबकि डामर प्लांट और गिट्टी क्रेशर पहले से संचालित हैं। उन्होंने बताया कि इन प्लांट्स को शिफ्ट किया जा सकता है। कटारे ने यह भी स्पष्ट किया कि तिरुपति डामर प्लांट को बोर्ड से अनुमति नहीं मिली है और इसे नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन अब तक इसे हटाया नहीं गया है। गिट्टी क्रेशर और खदानों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मौके पर जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।

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