Workshop on traditional skills: केंद्रीय विद्यालय के बच्चों ने सीखी मिट्टी से अद्भुत कृतियां बनाने की कला
नवीन शिक्षा नीति के तहत पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में पारंपरिक कौशल पर हुई कार्यशाला

बैतूल। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में शुक्रवार 29 नवंबर को दो दिवसीय पूर्व व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम की कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य आर.एन. पांडेय ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मिट्टी के बर्तन और कलाकृतियां बनाने वाले कलाकार श्याम प्रजापति का हरित स्वागत किया गया। श्याम प्रजापति ने बचपन से ही मिट्टी के बर्तनों और कलाकृतियों को आकार देने का कार्य किया है। यह कार्यशाला नवीन शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें बैग रहित दिवस मनाने का प्रावधान है। इस नीति के तहत बच्चों को विभिन्न कौशलों का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण निपुण कलाकारों और शिल्पकारों द्वारा दिया जाएगा। प्राचार्य आर.एन. पांडेय ने बताया कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक कौशलों में निपुण बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करना है। श्याम प्रजापति ने बच्चों को धैर्यपूर्वक मिट्टी से कलात्मक वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बारीकी से समझाया कि मिट्टी, चाक और हाथों के स्पर्श से किस प्रकार कुछ ही पलों में सुंदर कलात्मक वस्तुएं बनती हैं। बच्चों ने उत्साहपूर्वक मिट्टी के बर्तन और अन्य कलात्मक वस्तुएं बनाईं और इस प्रक्रिया का आनंद लिया। कक्षा 6 से 8 तक के लगभग 250 बच्चों ने इस कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी की। इस तरह की कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों में आत्मनिर्भरता और कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीमा साहू, संजय सोनी, दिलीप डांगे, के.सी. साहू, कृष्णा खातरकर और मुकेश यादव का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय ने घोषणा की कि इस तरह की कार्यशालाएं भविष्य में भी आयोजित होती रहेंगी ताकि बच्चे अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न कलाओं में दक्षता प्राप्त कर सकें।




