Pandit Deendayal was a visionary: युगदृष्टा थे पंडित दीनदयाल
जनअभियान परिषद् के कार्यक्रम में बोले प्रवीण गुगनानी

बैतूल। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद ने पं.दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती पर के अवसर पर मन मंदिर लॉन में अन्त्योदय विचार धारा विषय पर जिला स्तरीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमे प्रवीण गुगनानी वरिष्ठ समाजसेवी एवं सलाहकार राजभाषा विदेश मंत्रालय भारत सरकार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। नरेन्द्र सोनी समाजसेवी, वंदना कुंभारे विभाग प्रमुख राष्ट्र सेविका मंच नर्मदापुरम, एडवोकेट एवं पत्रकार संजय शुक्ला, वीरेंद्र बिलगैया समाजसेवी, समाजसेवी एवं पत्रकार श्रीमती गौरी बालापुरे, संभाग समन्वयक कौशलेश तिवारी, गौ सांसद युवराज मालवीय श्री गौड़, महिला काउन्सलर हर्षिका मानकर भी उपस्थित रहे।
व्याख्यान माला कार्यक्रम में सभी अतिथियों द्वारा पंडित दीनदयाल के अंत्योदय विचारधारा पर एवं एकात्म वाद पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए गए। उसी कड़ी में वरिष्ठ वक्ता श्री गुगनानी द्वारा अपने विचार प्रस्तुत करते हुए बताया कि आज पंडित दीनदयाल की जन्म जयंती हमारे लिए चिंतन का दिवस है। पंडित दिन दयाल ऋषि स्वभाव के थे, उनके स्वभाव में तत्वज्ञान की बात आती थी। पंडित दीनदयाल जी ने ऋषि शंकराचार्य परंपरा पर पुस्तक लिखी थी और उस परंपरा से निकलते हुए वे एकात्म वाद एवं अंत्योदय विचारधारा पर आते हैं। पंडित दीनदयाल की विचारधारा हमारे देश की पुरातन ऋषि परंपरा द्वारा दिया गया संदेश है जिससे वह बताते हैं कि किस प्रकार देश में अंत्योदय होगा। पंडित दीनदयाल की दृढ़ मान्यता थी कि यदि हम देश को अपनी संस्कृति से नहीं चलाएंगे तो यह देश कहीं का नहीं रहेगा। पंडित जी का स्वतंत्रता के पहले दशक में आज समय अवसान हो जाना हमारे देश को बहुत बड़ी वैचारिक शक्ति से वंचित कर गया था यदि वे जीवित होते हैं तो उनके विचारों से निश्चित तौर पर देश हमारा इस विश्व की सबसे प्रथम पंक्ति के राष्ट्र बनकर बहुत पहले ही खड़ा हो चुका होता परंतु वर्तमान में पंडित दीनदयाल की अंत्योदय विचारधारा से प्रेरित होकर शासन द्वारा अनेक प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि अंतिम व्यक्ति का विकास हो सके और हमारा देश सबसे प्रथम पंक्ति का राष्ट्र बन सकें। पंडित दीनदयाल के जन्मदिवस को अंत्योदय दिवस के रूप में भी हम मनाते हैं। व्याख्यान कार्यक्रम में जिले भर के गणमान्य जन, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व विकास पाठ्यक्रम के परामर्शदाता, छात्र-छात्राएं एवं नवांकुर व प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधियों की सहभागित रही। कार्यक्रम के अंत में स्वच्छता को लेकर जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी द्वारा सभी को शपथ दिलाई गई एवं वंदे मातरम गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




