Encroachment on cremation ground: शमशान भूमि पर अतिक्रमण से मोक्षधाम निर्माण बाधित
अंतिम संस्कार के लिए तय करनी पड़ रही 4 किलोमीटर की दूरी

बैतूल। मुलताई तहसील की ग्राम पंचायत कामथ के ग्रामीणों को शमशान भूमि पर अतिक्रमण के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में मोक्षधाम न होने की वजह से अंतिम संस्कार के लिए उन्हें 4 किलोमीटर दूर मुलताई नगर पालिका क्षेत्र तक जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, और जिला पंचायत अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि शमशान के लिए निर्धारित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर मोक्षधाम का निर्माण करवाया जाए, जिससे उन्हें इस कठिनाई से राहत मिल सके।
ग्रामीण राजेंद्र गढ़ेकर, हरिराम पवार, सजल शिवहरे, और जीवन डोंगरदिये सहित ग्रामवासियों ने बताया कि ग्राम पंचायत कामथ की जनसंख्या लगभग 5 से 6 हजार के बीच है, और यहां मोक्षधाम का होना अत्यावश्यक है। हालांकि, 1994-95 में आदेशित शासकीय भूमि, खसरा नं. 142 (पुराना 72), में से 0.081 हेक्टेयर शमशान हेतु निर्धारित की गई थी, लेकिन उस भूमि पर अतिक्रमण हो गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर सीमांकन किया जाए, ताकि मोक्षधाम का निर्माण हो सके। कामथ में मोक्षधाम की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें अत्यधिक परेशानी होती है। मध्य प्रदेश पंचायत राज संचालनालय द्वारा 29 जुलाई 2024 को जारी पत्र के अनुसार, मोक्षधाम का निर्माण प्राथमिकता पर किए जाने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से इस दिशा में तुरंत कार्रवाई की अपील की है, ताकि उन्हें नगर पालिका क्षेत्र में लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता न हो।




