Wrestling Event : कुश्ती में छात्रावास के पहलवानों ने आजमाए दांव- पेंच
नागपंचमी के मौके पर भारत भारती आवासीय विद्यालय में किया गया कुश्ती का आयोजन

Wrestling Event : बैतूल। नागपंचमी के अवसर पर भारत भारती आवासीय विद्यालय के खेल प्रांगण में पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ बल के प्रतीक श्री हनुमान के चित्र का पूजन कर किया गया। इस अवसर पर भारत भारती शिक्षा समिति के सचिव मोहन नागर ने अपने उद्बोधन में इस त्यौहार और नागपंचमी से जुड़े कुश्ती के आयोजन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आज के दिन गांव-गांव में नागदेवता का पूजन किया जाता है।
हमारा समाज प्राचीनकाल से प्रकृति का पूजन करता आ रहा है। नाग जैव श्रंखला को नियंत्रित करते हैं। इसलिए हमारी संस्कृति और भारतीय समाज में सर्पों का महत्वपूर्ण स्थान है। अलग अलग भ्रांतियों का शिकार होकर कुछ लोग घर या आसपास दिखाई देने वाले नागों को मार देते हैं। जबकि नागों की कुछ ही प्रजातियां जहरीली होती हैं, सभी नाग हमें नुकसान नहीं पहुंचा सकते। हमें इनका संरक्षण करना चाहिए। उन्होंने गांव गांव में होने वाली कुश्ती को आपसी सौहार्द और मनोरंजन का उपाय बताया। इन्ही कुश्तियों से आगे चलकर जूडो, कराते , ताइक्वांड, कुंगफू आदि खेल बने हैं।

कुश्ती के पहले मुकाबले में कक्षा नौवीं के अनुज पटेल और ललित पटेल के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। अद्भुत दांव दिखाते हुए अनुज ने ललित को पटखनी दी और विजय हासिल की। कक्षा 10 वीं के श्रेष्ठ वर्मा ने अपने प्रतिद्वंदी राकेश टेकनकर को एक संघर्षपूर्ण मुकाबले में हराया। अगले मैच में कक्षा आठवीं के अजय खातरकर ने अनिरुद्ध सूर्यवंशी को आसानी से चित कर दिया।
प्रतियोगिता के बाद अतिथियों के द्वारा फाइनल मुकाबलों में विजेता और उप विजेता पहलवानों को पदक प्रदान किए गए । बाल वर्ग से संस्कार जायसवाल को प्रथम पुरस्कार (स्वर्ण पदक) और उप विजेता रहे मोहित नानकर को द्वितीय (रजत पदक) प्रदान किया। किशोर वर्ग में आरुष नायक को रजत पदक प्राप्त हुआ। तरुण वर्ग के मुकाबले में लक्की विश्नोई ने केशव विश्नोई को रोचक मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक प्राप्त किया । प्रतियोगिता का संचालन हेमन्त सोनी ने किया ने किया मैचों के रेफरी बलवन्त सिंह तोमर थे।अंत में जीतेन्द्र तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।




