Case of appointment of Kotwar without the consent of Gram Sabha: धनगाव के सचिव संदीप मगरदे पर कोटवार पद में गड़बड़ी के गंभीर आरोप
किसानों ने तहसीलदार से की शिकायत, आंदोलन की दी चेतावनी

बैतूल। जनपद पंचायत भैंसदेही की ग्राम पंचायत बरहापुर में कोटवार पद की नियुक्ति में गड़बड़ियों का मामला सामने आया है। धनगाव के किसानों ने सहायक सचिव संदीप मगरदे पर कोटवार पद की नियुक्ति में धांधली करने और भूतपूर्व कोटवार के वंशजों को प्राथमिकता न देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर तहसीलदार द्वारा पुराने कोटवार के वंशजों को पहली प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।
धनगाव वीरान का कोटवार पद रिक्त होने के चलते, पूर्व कोटवार के नाती सचिन धर्मराज मोहरे और ओमकार बाबूराव घाणेकर ने तहसील कार्यालय में आवेदन जमा किए थे। तहसीलदार ने ग्राम पंचायत से ग्राम सभा का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन सरपंच और सचिव ने बिना विधिवत सूचना दिए, 24 जुलाई 2024 को सुबह 10 बजे, कुछ चुनिंदा परिचितों के साथ ग्राम सभा का आयोजन किया।
— ग्राम सभा में हंगामा–
जैसे ही धंनगाव के किसान ग्राम सभा में पहुंचे और सर्वसम्मति से प्रस्ताव की मांग की, सरपंच और सचिव ने पूर्व कोटवार के नाती के पक्ष में प्रस्ताव देने से मना कर दिया। इसके बजाय, उन्होंने बरहापुर के ओमकार बाबूराव घाणेकर के पक्ष में प्रस्ताव देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब किसानों ने विरोध किया, तो सरपंच और सचिव ने अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें सभा से बाहर कर दिया।
— भूतपूर्व कोटवार के वंशज का बयान–
भूतपूर्व कोटवार के नाती सचिन मोहरे ने बताया, मेरे दादा की पांच पीढ़ियों ने धंनगाव के किसानों की सेवा की है। तहसीलदार ने कहा था कि पुराने कोटवार के वंशज को पहली प्राथमिकता दी जाएगी, और यहां तक कि डीएनए टेस्ट की भी बात की थी। लेकिन सरपंच और सचिव ने हमारे साथ अन्याय किया है।
— ग्रामीणों के आरोप–
ग्रामीणों का कहना है कि संदीप मगरदे की ओमकार बाबूराव घाणेकर से मिलीभगत है। वे उनके कहने पर ही काम करते हैं और किसानों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संदीप मगरदे के कार्यकाल में कई भ्रष्टाचार हुए हैं और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। धनगाव वीरान के किसानों का कहना है कि कोटवार की नियुक्ति उनके लिए हो रही है, तो सहमति भी उनकी होनी चाहिए। वे भूतपूर्व कोटवार के परिवार जनों को प्राथमिकता देना चाहते हैं, जिन्होंने पांच पीढ़ियों से धनगाव के किसानों की सेवा की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। संदीप मगरदे पर लगे गंभीर आरोपों और तहसीलदार द्वारा पुराने कोटवार के वंशज को प्राथमिकता देने की बात को लेकर धंनगाव के किसान न्याय की गुहार लगा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कैसे इस विवाद को सुलझाता है।
— किसानों के बयान–
धनगाव वीरान के किसान गुणवंत राव ने कहा कोटवार की नियुक्ति हम किसानों के लिए हो रही है, तो बरहापुर के लोगों का इसमें कोई हक नहीं है।
किसान माधोराव ने कहा,ग्राम सभा की कोई सूचना नहीं दी गई थी। यह पहली बार नहीं है, हमेशा ही सरपंच और सचिव सूचना नहीं देते हैं।
भूतपूर्व कोटवार का नाती सचिन मोहरेने कहा, मेरे दादा की पांच पीढ़ियों ने धंनगाव के किसानों की सेवा की है। अगर कोटवारी नहीं रही तो हमारा परिवार सड़क पर आ जाएगा।
— सीईओ ने मीटिंग में होने का हवाला देकर झाड़ा पल्ला–
इस मामले में जनपद सीईओ भैंसदेही, जितेंद्र सिंह ठाकुर ने अभी मैं मीटिंग में होने का हवाला देते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया। किसानों ने तहसीलदार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।




