Girl students learned the importance of soliloquy: छात्राओं ने जाना आशुभाषण का महत्व

सबल भारत विषय पर आशुभाषण प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करना है आशुभाषण: सुनंदा उइके

बैतूल। ई.एफ.ए. शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैतूल गंज में दूसरे शनिवार 13 जुलाई 2024 को सबल भारत विषय पर आशुभाषण पर बाल सभा का आयोजन किया गया। प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया कि इस बाल सभा में छात्राओं ने स्वास्थ्य, खेल, योग, आहार, स्वस्थ दिनचर्या, वृक्षारोपण, शैक्षिक भ्रमण, स्वच्छता, ट्रैफिक नियम और न्यूज पेपर रीडिंग आदि विभिन्न विषयों पर आशुभाषण प्रस्तुत किए।

बाल सभा के आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आशुभाषण की कला को विकसित करना और उन्हें अपने विचारों और भावनाओं को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करना था। इससे पूर्व 7 जुलाई 2024 को भी बाल सभा में इन्हीं विषयों पर निबंध लेखन प्रतियोगिता कराई गई थी। हिन्दी विषय की शिक्षिका सुनंदा उइके ने छात्राओं को आशुभाषण के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा, भाषण का अर्थ है बोलने की शक्ति और आशु का अर्थ है तेज या जल्दी। इसमें मौखिक संचार, भाषण ध्वनियों और संकेतों के द्वारा किसी के विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करने की क्षमता को आशुभाषण कहा जाता है।

— शब्दों के सही उच्चारण पर की चर्चा– 

शिक्षिका शारदा सोलंकी ने शब्दों के सही उच्चारण के महत्व पर चर्चा करते हुए छात्राओं को बताया कि सही उच्चारण से हम अपनी बात को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने स-श-ष के उच्चारण का अभ्यास कराया और अच्छे अभ्यास के लिए बार-बार पढ़ने और बोलने पर जोर दिया। सोलंकी ने कहा, सही उच्चारण से आपके हिन्दी-अंग्रेजी बोलने के साथ ही व्यक्तित्व में भी निखार आता है। प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने निबंध लेखन पर चर्चा करते हुए बताया कि निबंध में मौलिकता, सरसता, स्पष्टता और सजीवता होनी चाहिए। निबंध की भाषा सरल, प्रभावशाली और व्याकरण सम्मत होनी चाहिए। निबंध हमेशा संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेदों में लिखा जाना चाहिए।

— बाल सभा में शिक्षकों का रहा विशेष योगदान– 

बाल सभा में कक्षा शिक्षक बी.आर. कंगाले, सुनंदा उइके, सुजाता खान, कामायनी त्रिवेदी, शकुनतला पण्डोले और रजनी राय का विशेष योगदान रहा। विद्यालय में प्रत्येक शनिवार प्रथम तीन कालखंडों में बाल सभा का आयोजन किया जाता है। प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया इस आयोजन से छात्राओं को आशुभाषण की कला सीखने का अवसर मिला, विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने का मंच भी मिला। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button