Video: अब प्रदीप मिश्रा को मुलताई में मां ताप्ती के दरबार में नाक रगड़ कर माफी मांगनी होगी
मां सूर्यपुत्री ताप्ती जन्मोत्सव के पहले ताप्ती भक्तों ने प्रदीप मिश्रा के खिलाफ खोला मोर्चा

बैतूल। कथाचार्य प्रदीप मिश्रा के खिलाफ अब बैतूल जिले के ताप्ती भक्तों में गहरा आक्रोश फैलने लगा है। बैतूल जिले के ताप्ती भक्तों ने प्रदीप मिश्रा की उस कथा पर आपत्ति दर्ज की है जिसमें यह कहा जा रहा है कि यमुना जी ने ताप्ती जी को श्राप दिया इसलिए ताप्ती नदी में अस्थियां गल जाती हैं। ताप्ती को श्रापित नदी बताने को लेकर ताप्ती भक्तों ने अब प्रदीप मिश्रा से पुण्य सलिला मां सूर्यपुत्री ताप्ती के दरबार में आकर नाक रगड़ कर माफी मांगने की मांग की है। यदि प्रदीप मिश्रा आने वाली 13 जुलाई 2024 को पुण्य सलिला मां सूर्यपुत्री ताप्ती जन्मोत्सव के पहले ताप्ती जन्मस्थली मुलताई में आकर माफी नहीं मांगते हैं, तो उनका ताप्तीचंल में विरोध एवं उनके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला ने अपनी ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रदीप मिश्रा को चेतावनी दी है कि वे सिद्ध करें कि ताप्ती श्रापित नदी है और इस बात का क्या आधार उनके पास प्रमाण है। क्योंकि ताप्ती नदी में यमुना के श्राप के चलते अस्थियां नहीं गलतीं, बल्कि ताप्ती के वेग और तेज के कारण एवं उसे प्राप्त शक्तियों के कारण मृत व्यक्तियों की अस्थियों को मोक्ष प्राप्त होता है। प्रदीप मिश्रा को पता ही नहीं है कि ताप्ती नदी का प्रभाव और धार्मिक महत्व क्या है। यह दुनिया की एकमात्र नदी है जो अपने आंचल में विसर्जित अस्थियों को मात्र तीन दिन में मोक्ष प्राप्त कराती है।




