new legal system1 जुलाई से ठगी या धोखाधड़ी करने पर नही कहलायेंगे 420, नई कानूनी व्यवस्था में हुए यह बदलाव

बैतूल। देशभर में 1 जुलाई से पुलिस की आपराधिक कार्रवाई और न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। इस नई कानूनी व्यवस्था के तहत न केवल धाराओं में परिवर्तन किया गया है, बल्कि सजा और जुर्माने के प्रावधानों में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं। इस बदलाव के बाद, अब तक आम जनता द्वारा रटी जाने वाली आईपीसी की धाराएं भी बदल जाएंगी। जैसे कि हत्या (302) अब 103 (1) कहलाएगी। ठगी या धोखाधड़ी (420) अब 118(4) होगी। चोरी (379) अब 303 (2) के अंतर्गत आएगी। दुष्कर्म (376) अब आईपीसी 64 बीएनएस के तहत परिभाषित होगा।

बदलावों का उद्देश्य और असर

इस परिवर्तन का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कारगर बनाना है। इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और अपराधियों को सजा देने में विलंब नहीं होगा। इसके अलावा, जुर्माने के प्रावधानों में भी बदलाव किए गए हैं ताकि अपराधियों पर अधिक आर्थिक दबाव बनाया जा सके।

हत्या के मामले में अब तक जो 302 धारा थी, उसे 103 (1) से बदल दिया गया है। इसके तहत सजा और प्रक्रियाओं में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं ताकि न्यायिक प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा सके।धोखाधड़ी और ठगी के मामलों में अब 420 की जगह 118(4) धारा लागू होगी। इसके अंतर्गत सजा के प्रावधान भी संशोधित किए गए हैं ताकि इस प्रकार के अपराधों पर लगाम लगाई जा सके। चोरी के मामलों में 379 धारा को बदलकर 303 (2) कर दिया गया है। इस बदलाव के साथ, अपराधियों पर कठोर जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है। दुष्कर्म के गंभीर अपराधों के लिए 376 की जगह अब आईपीसी 64 बीएनएस धारा लागू होगी। इस धारा के अंतर्गत सजा के प्रावधानों में भी सख्ती बरती गई है। देश की न्याय प्रणाली में हो रहे इन बड़े बदलावों का मकसद अपराधों पर अधिक सख्ती से नकेल कसना और न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। नई धाराओं और सजा के प्रावधानों के साथ, सरकार अपराधियों को सख्त सजा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह नई कानूनी व्यवस्था निश्चित रूप से समाज में सुरक्षा और न्याय की भावना को बढ़ावा देगी।

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