किसानों के लिए खुशखबरी: ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू,  24 जून  से 31 जुलाई तक बेच पाएंगे किसान

मूंग का समर्थन मूल्य 8558 रूपये प्रति क्विंटल तथा उड़द का 6950 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया है

MP News: किसानों के लिए खुशखबरी: मध्यप्रदेश में मूंग और उड़द की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय, भोपाल ने समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द की खरीदी करने की तारीख घोषित कर दी है। 24 जून को अपर मुख्य सचिव मध्य प्रदेश किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग अशोक वर्णवाल के द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश के 32 जिलों में मूंग और 10 जिलों में उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी 24 जून 2024 से 31 जुलाई 2024 तक की अवधि में की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव ने नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, रायसेन, हरदा, सीहोर, जबलपुर, देवास, सागर, गुना, खण्डवा, खरगोन, कटनी, दमोह, विदिशा, बडवानी, मुरैना, बैतूल, श्योपुरकला, भिण्ड, भोपाल, सिवनी, छिन्दवाडा, बुरहानपुर, छतरपुर, उमरिया, धार, राजगढ़, मण्डला, शिवपुरी, अशोकनगर, पन्ना, इंदौर एवं बालाघाट जिले के कलेक्टर को उपार्जन नीति के अनुसार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 (विपणन वर्ष 2024-25) के लिये, औसत अच्छी गुणवत्ता (FAQ) के दलहन फसलों के लिये पोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ भारत शासन DEPARTMENT OF AGRICULTURE, CO-OPERATION AND FARMER WELFAREद्वारा जारी AMENDED GUIDELINES FOR PRICE SUPPORT SCHEME (PSS) (PULSES AND OIL SEEDS) UNDER PM-AASHAके प्रावधान अनुसार प्रदेश के कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान करने हेतु दलहन फसलों का उपार्जन कार्य शासन द्वारा नियत पंजीयन नीति एवं प्रक्रिया के द्वारा सत्यापित पंजीकृत कृषकों एवं रकबे से अनुमानित आंकलित मात्रा का उपार्जन कार्य किया जाना, ताकि प्रदेश में दलहन फसलों के उत्पादन में वृद्धि की जा सके।

 उपार्जन की जाने वाली फसलें एवं जिले:

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 (विपणन वर्ष 2024-25) के लिए औसत अच्छी गुणवत्ता (FAQ) के ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का समर्थन मूल्य क्रमशः रू. 8558 प्रति क्विंटल तथा रू. 6950 प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।
मूंग उपार्जन हेतु जिले: 
नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, रायसेन, हरदा, सीहोर, जबलपुर, देवास, सागर, गुना, खण्डवा, खरगोन, कटनी, दमोह, विदिशा, बडवानी, मुरैना, बैतूल, श्योपुरकला, भिण्ड, भोपाल, सिवनी, छिन्दवाडा, बुरहानपुर, छत्तरपुर, उमरिया, भार, राजगढ़, मण्डला, शिवपुरी, अशोकनगर, इंदौर एवं बालाघाट शामिल हैं।

उड़द  की इन 10 जिलों में होगी खरीदी

जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, दमोह, छिन्दवाडा, पन्ना, मण्डला, उमरिया, सिवनी एवं बालाघाट। भारत शासन द्वारा निर्धारित FAQ मापदंड संबंधी निर्देश राज्य उपार्जन एजेन्सी द्वारा जारी किए जाएंगे।
ग्रीष्मकालीन मूग फसल के बोए गए रकबे का MPSEDC/MPCST द्वारा रिमोट सेन्सिंग तकनीकि सर्वे कराया गया है, तथा जिन क्षेत्रों में मूंग नहीं बोई गई है परन्तु उपार्जन हेतु पंजीयन हुए है उसकी जानकारी ई-उपार्जन पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई । उसका सत्यापन राजस्व विभाग के द्वारा जिलों में अवश्य कराया जाने। फसल नहीं होने की स्थिति में पंजीयन निरस्त करे। कृषक पंजीयन हेतु जारी दिशा निर्देश अनुसार चना, मसूर एवं सरसों के समान इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन हेतु स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था रहेगी।

उपार्जन अवधिः

ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का उपार्जन दिनांक 24 जून 2024 से 31 जुलाई 2024 तक की अवधि में किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र पर नियत उपार्जन एजेन्सी द्वारा उपार्जन कार्य सप्ताह में पांच दिवस (सोमवार से शुक्रवार) प्रातः 8:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक उपार्जन कार्य किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र पर कृषक तौल पर्ची सांय 6:00 बजे तक जारी की जाएगी, ताकि गुणवत्ता परीक्षण दिन के उजाले में किया जाएगा। जिन कृषकों की उपज की तौल अपरिहार्य कारणों से सोमवार से शुक्रवार तक नहीं हो सकी तो ऐसी दशा में उनकी तौल शनिवार को की जा सकेगी। शनिवार एवं रविवार को प्रति सप्ताह उपार्जन केन्द्र पर शेष स्कंध का परिवहन, कृषकों से तौल किए गए स्कंध का उपार्जन केन्द्र पर सुरक्षित व्यवस्थित भंडारण, लेखा मिलान तथा अस्वीकृत स्कंध का अपग्रेडेशन कार्य किया जाकर निराकरण किया जाएगा। गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्र पर गुणवत्ता परीक्षण में NON FAQ पाए जाने वाले स्कंध का भंडारण उपार्जन समिति द्वारा गोदामः केप पर नहीं किया जाएगा।
बे-मौसम बारिश आदि की विशेष परिस्थिति उत्पन्न होने की दशा में गोदाम स्तरीय केन्द्र पर NON FAQ स्कंध का भंडारण पांच दिवस की अवधि हेतु किया जा सकेगा। नियत अवधि में उपार्जन समिति से ऐसे स्कंध का अपग्रेडेशन आवश्यक रूप से कराया जाए। नियत अवधि में अपग्रेडेशन कार्य नहीं कराये जाने की स्थिति में उपार्जन केन्द्र की एजेंसी को भंडारण शुल्क नियमानुसार भंडारण एजेन्सी की दर से जमा कराया जाना होगा।
उपार्जन कार्य हेतु राज्य उपार्जन एजेन्सी का निर्धारण एवं उनके दायित्व :
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संच मर्यादित (MARKFED) प्रदेश के निर्धारित जिलों में समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्य हेतु राज्य उपार्जन एजेन्सी होगी। भारत शासन को लेखा एवं दावे प्रस्तुत करने तथा द्वितीय संव्यवहार की व्यवस्था हेतु नोडल राज्य व्यापार एजेन्सी म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (MARKFED), लेखा संबंधी दावे प्रस्तुत करने की ऑटोमेटिक व्यवस्था है। राज्य उपार्जन एजेन्सी MARKFED द्वारा उपार्जित जिन्स के परिवहन होने की दशा में परिवहन हेतु हेतु समय पर निविदाएं आमंत्रित कर परिवहन दरें निर्धारण की कार्यवाही की जाएगी। अपरिहार्य कारणों से निविदा में दरें प्राप्त नहीं होने की दशा में अथवा आंमत्रित निविदा में परिवहन की दरें अधिक प्राप्त होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत MARKFED/MPSCSC की यथा स्थिति गत वर्ष की दर से कराई जाएगी।

उपज विक्रय हेतु कृषक द्वारा स्लॉट बुकिंग –

ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को अपनी उपज विक्रय हेतु SMS प्राप्त होने का इंतजार करने की आवश्यकता को समाप्त करते हुए कृषक उपन्न तैयार होने पर विक्रय हेतु उपार्जन केन्द्र एवं उपज विक्रय की दिनांक का चयन स्वयं ई-उपार्जन पोर्टल पर कर सकेंगे जिसकी व्यवस्था निम्नानुसार रहेगी:-
1. प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की तौल क्षमता का निर्धारण पोर्टल पर किया जाएगा, जिसके अनुसार प्रति तौलकांटा प्रतिदिन 250 क्विंटल के मान से गणना की गई है।
2. प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर प्रतिधिन न्यूनतम 1000 क्विंटल उपज की तौलहेतु 4 तौल कटि आवश्यक रूप से लगाए वाएं एवं उपार्जन केन्द्र पर ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द की आवक अनुसार तौल कांटों की संख्या में वृद्धि की जाए, जिसकी तत्समय पोर्टल पर प्रविष्टि की जा सकेगी।
3. कृषक द्वारा दिनांक 18.06.2024 से स्लॉट बुकिंग www.mpeuparjan.nic.in पर की जा सकेगी, इस लिंक की जानकारी SMS के माध्यम से कृषक के मोबाइल पर प्रेषित की जाएगी।
4. ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत सत्यापित कृषक द्वारा स्वयं के मोबाइल एमपी ऑनलाईन सीएससी/ ग्राम पंचायत/लोक सेवा केन्द्र इंटरनेट कैफे उपार्जन केन्द्र से स्लॉट बुकिंग की वा सकेगी। स्लॉट बुकिंग हेतु कृषक के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी प्रेषित किया जाएगा, जिसे पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
5. उपार्जन का कार्य सोमवार से शुक्रवार तक किया जाएगा एवं उपज विक्रय हेतु इसी अवधि की स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी।
6. कृषक द्वारा उपज विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग उपार्जन के अंतिम 10 दिवस को छोड़कर की जा सकेंगी एवं स्लॉट की वैयता अवधि 5 कार्य दिवस होगी।
7. कृषक द्वारा उपज विक्रय हेतु तहसील अंतर्गत (जहां कृषक की भूमि है) किसी भी उपार्जन केन्द्र का चयन किया जा सकेगा। कृषक की भूमि एक से अधिक तहसील में स्थित होने पर उनके द्वारा किसी एक तहसील के उपार्जन केन्द्र का चयन किया जा सकेगा, जहां पर पंजीकृत भूमि की उपज का विक्रय किया जा सकेगा।
8. उपार्जन केन्द्र की तौल क्षमतानुसार लघु सीमांत एवं बड़े कृषकों को मिलाकर स्लॉट बुकिंग की सुविधा रहेगी जिसमें प्रतिदिन 100 क्विंटल से अधिक विक्रय क्षमता के 4 कृषक तक हो सकेंगे।
9. स्लीट बुकिंग के समय पोर्टल पर कृषक की विक्रय योग्य कुल मात्रा प्रदर्शित कराई जाएगी, जिसमें कृषक द्वारा वास्तविक विरुय योग्य कुल अनुमानित मात्रा की प्रविष्टि करनी होगी, इसके अनुसार ही कृषक से उपज की खरीदी की जा सकेगी। इस संबंध में कृषकों को अवगत कराया जाए।
10. पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग अनुसार उपार्जन केन्द्र की क्रय योग्य क्षमता घटते क्रम में प्रदर्शित होगी। 11. निर्धारित दिवस में उपार्जन केन्द्र की तौल क्षमतानुसार स्लॉट मुक होने पर कृषक को आगामी रिक्त क्षमता वाले दिवस हेतु स्लॉट बुक करना होगा।
12. कृषक द्वारा स्लॉट बुकिंग करने के उपरांत उपार्जन केन्द्र का नाम, विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा एवं विक्रय की दिनांक SMS के माध्यम से सूचित की जाएगी तथा इसका प्रिन्ट भी निकाला जा सकेगा।
13. कृषक द्वारा विक्रय की जाने वाली संपूर्ण उपज की स्लॉट बुकिंग एक समय में ही करनी होगी आंशिक स्लीट बुकिंग आंशिक विक्रय नहीं किया जा सकेगा।
14. कृषक द्वारा निर्धारित उपार्जन केन्द्र पर स्लॉट बुकिंग करने के उपरांत अन्य केन्द्र पर कृषक पंजीयन परिवर्तन स्थानांतरण की सुविधा नहीं होगी।
15. कृषक को स्लॉट बुकिंग के समय पोर्टल पर आधार लिंक बैंक खाता क्रमांक एवं बैंक का नाम प्रदर्शित कराया जाएगा, जिसमें समर्थन मूल्य पर उपार्जित स्कन्ध का भुगतान किया जाना है। कृषक द्वारा अपनी बैंक की पासबुक से खाते का मिलान कर स्वयं पोर्टल पर सत्यापन करना होगा, उसके उपरांत ही स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी। पोर्टल पर प्रदर्शित बैंक खाता त्रुटिपूर्ण होने अथवा अन्य कारणों से कृषक अन्य बैंक खाते में भुगतान चाहे जाने पर कृषक को अपना नवीन बैंक खाता आधार से लिंक कराना होगा, तदुपरांत स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी।

कृषकों को अपने उपज विक्रय के समय उपार्जन केन्द्र पर जमा किये जाने वाले दस्तावेजों का सत्यापन:-

1 आधार कार्ड की प्रति। आधार खाते से लिंक बैंक खाते की बैंक पासबुक से बैंक खाता IFSC एवं शाखा का मिलाना ।
2. समग्र सदस्य आई डी की प्रति (न होने की दशा में PAN CARD की प्रति)
3. वनाधिकार पट्टाधारी को पड़े की प्रति।
4. सिकमीदार किसानों को सिकमी अनुबंध की प्रति।
5. किसान पंजीयन पर्ची का हस्ताक्षरित प्रिन्ट आउट। 21.7 खसरे ऋण पुस्तिका (मोबाईल ऐप से पंजीयन कराने वाले किसानों हेतु)

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