Blind Murder : माता-पिता की हत्या का बदला लेने दोस्तों को कट्टा दिलाने के लिए दिए पैसे, दोस्तों ने कट्टा दिया न पैसे, गला घोंटकर पानी के टांके में फेंक दी लाश

Blind Murder : बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जिन दोस्तों पर माता पिता की हत्या का बदला लेने के लिए भरोसा कर 19 हजार रुपये दिए थे उन्होंने न तो कट्टा दिलाया और न ही पैसे वापस दिए। जब तकाजा किया ताे दोस्त को योजनाबद्ध तरीके से बुलाया और रस्सी से गला घोंटकर मौत के घाट उतार डाला।यह अंधा कत्ल बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र में हुआ जिसकी गुत्थी पुलिस ने 48 घंटे में ही सुलझा ली और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 29 मई को मांडवी के पास ढोढखेड गांव रोड पर कस्तुर चंद बोरवन के खेत में पानी के टांके में युवक की लाश पड़ी मिली थी। शव के सिर पर पत्थर रखा हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा मर्ग जांच प्रारंभ की गई। जांच में पाया गया कि मृतक के सिर को टांके के पानी में पत्थर से दबा दिया गया था। मृतक की शिनाख्त लवलेश पिता भगवंत राव इवने उम्र 19 साल निवासी रेनुका खापा हाल आष्टी थाना आठनेर के रुप में की गई।

पुलिस ने उसके दोस्त एवं बहन से पूछताछ कर संदेह के आधार पर शुभम पिता राजू घोरसे उम्र 18 साल निवासी ईदगाह नगर आठनेर और सूरज पिता विनोद शनीसरे उम्र 20 साल निवासी ग्राम धामोरी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। दोनों ने लवलेश उर्फ विकास की हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि मृतक के माता पिता की एक वर्ष पूर्व हत्या हुई थी जिसका बदला लेने के लिए वह कट्टा (बंदूक) लेना चाहता था।

शुभम एवं सूरज ने कट्टा दिलाने के लिए उससे 19000 रुपये का लेन देन किया था। लवलेश बार- बार कट्टा या पैसे वापस मांग रहा था लेकिन आरोपियों ने पैसे खर्च कर दिए थे। बार-बार पैसे मांगने से छुटकारा पाने के लिए दोनों ने योजना बनाकर मृतक को आठनेर बुलाया और साथ में कट्टा दिलाने का कहकर घटनास्थल सुनसान स्थान पर ले गए। दोनों ने रस्सी से उसका गला घोंट दिया और पानी के टांके में सिर पर पत्थर रखकर भाग गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी आठनेर सरविंद धुर्वे, उनि मांगीलाल ठाकुरे, उनि रामेश्वर गोस्वामी, उनि कविता नागवंशी, सउनि कमलसिंह ठाकुर, सउनि दिनेश धुर्वे, प्रआर क्र 128 बलराम सरयाम, आर. क्रं. 617 अजय ग्यासवंशी, चालक किशोर साहू, महिला आरक्षक कंचन चौरे, आरक्षक दिपेन्द्र, आरक्षक राजेन्द्र धाडसे, आरक्षक बलराम राजपूत की अहम भूमिका रही।

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