New roadmap to make child marriage free by 2030: प्रदीपन की पहल से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में नया संकल्प

बैतूल जिले को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने का नया रोडमैप


बैतूल। जिले के गैर सरकारी संगठन प्रदीपन ने नई दिल्ली में आयोजित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की कार्यशाला में भाग लिया। इस कार्यशाला में 22 राज्यों के गैर सरकारी संगठनों ने 2024 और 2025 के लिए बाल विवाह के खिलाफ रोडमैप पर चर्चा की। इस नए रोडमैप से प्रेरित होकर प्रदीपन ने अपने जिले और राज्य को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया है।
— कार्यशाला के अनुभव और आगे की योजना–
प्रदीपन संस्था की निर्देशिका रेखा गुजरे ने बताया कि देशभर के 300 जिलों के संगठन बाल विवाह के खात्मे के लिए साझा प्रयास कर रहे हैं। प्रदीपन, पंचायतों और शासकीय विभागों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर जन जागरूकता अभियानों और कानूनी हस्तक्षेपों के माध्यम से लोगों में नैतिक जवाबदेही का भाव पैदा करेगा, ताकि वे बाल विवाह को अपराध मानें और इसके परिणामों का सामना करें।


— पंचायतों और सरकारी विभागों के साथ समन्वय–
प्रदीपन की निर्देशिका रेखा गुजरे ने आगे कहा कि वे पंचायत प्रमुखों और सरकारी विभागों के साथ मिलकर बाल विवाह मुक्त गांव समाज बनाने के लिए कानूनी कार्रवाइयों और जन जागरूकता अभियानों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बाल विवाह को रोकने के लिए समझाइश दी जाएगी और कानूनी कार्यवाही में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी, ताकि बाल विवाह करने वालों को सजा से बचने का कोई मौका न मिले।


— सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील–
प्रदीपन संस्था ने सभी सामाजिक संगठनों और गैरसरकारी संस्थाओं से अपील की है कि वे समाज, गांव और जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने में सहयोग करें। बाल विवाह की गहरी जड़ों को उखाड़ फेंकने के लिए कानूनी हस्तक्षेप और लक्षित निषेधाज्ञाओं का उपयोग किया जाएगा।
— कार्यकर्ताओं की बैठक और पुनः शिक्षा पर जोर–
बाल विवाह को समाप्त करने के लिए प्रदीपन ने अपने कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की। बैठक में निर्णय लिया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बालक-बालिकाओं, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई छोड़ दी है, उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य किया जाएगा।

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