मनरेगा योजना में भ्रष्ट्राचार चरम पर, नियमों की जमकर उड़ाई जा रही धज्जियां

सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक सहित दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग


बैतूल। श्रमिकों को रोजगार की गारंटी देने वाली केन्द्र की मनरेगा योजना जिम्मेदारों के लिए दुधारू गाय साबित हो रही हैं। योजना में भ्रष्टाचार चरम पर है, साथ ही रोज़गार गारंटी योजना के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
मामला, आठनेर विकास खण्ड के टेमुरनी पंचायत अंतर्गत ग्राम खापा का हैं, जहां लगातार निर्माण कार्यों के नाम पर घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है। चहेते मजदूरों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा हैं, जो मजदूर मनरेगा योजना अन्तर्गत ग्राम पंचायत में होने वाले कार्यों में नहीं जाते हैं उनके खाते में फर्जी तरीके से राशि डाली जा रही है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच के खाते में भी राशि डालकर फर्जी बिल भुगतान किया जा रहा हैं। इसकी शिकायत ग्रामीण विशाल भालेकर ने कलेक्टर से की है। शिकायत आवेदन के साथ उन्होंने फर्जी बिल की प्रतियां भी प्रेषित की है। उन्होंने बताया टेमुरनी से पचधार मार्ग पर निर्माण सामग्री के परिवहन में उपसरपंच कृष्णा गीद के नाम से बिल लगाए गए है। गोकुलवान टेकड़ी के पास कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य में पहले फर्जी मस्टरोल निकाले गए हैं, मजदूरों की संख्या के बराबर कार्य नहीं किया गया। टेमुरनी से आठनेर मार्ग पर माध्यमिक शाला में हो रहे बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य में कार्य प्रारंभ होने से पूर्व ही फर्जी मस्टरोल निकाले गए हैं और पानी के टैंकर के फर्जी बिल लगाए गए हैं। निमार्ण में फ्लाई एस ब्रिक्स का उपयोग करने की जगह लाल ईट से निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। रेत में मिट्टी मिली हुई हैं, घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। मोटर पंप नहीं जलने पर भी मोटर पंप जलने के फर्जी बिल निकाले गए। आवेदक ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि घटिया निर्माण कार्य और फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की जाए, ग्राम पंचायत टेमुरनी में भ्रष्टाचार करने वाले सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और पूरे षड्यंत्र में शामिल दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।

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