Multai news: आदिवासी के घर के सामने की खाली जगह पर दबंगों ने किया अतिक्रमण

महिलाओं ने कलेक्टर एवं मुलताई थाने में की शिकायत, मानसिक प्रताड़ित करने का लगाया आरोप

बैतूल। तिलक वार्ड मुलताई निवासी आदिवासी महिला ने घर के सामने की खाली जगह पर दबंगों द्वारा अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। गुरुवार 20 मार्च को इसकी शिकायत उन्होंने मुलताई थाने सहित कलेक्टर से की है। आवेदक मीना धुर्वे पिता गुलाब सिंह धुर्वे एवं लता पति स्व.जीवन झारखण्डे ने अनावेदक मिंटू पिता श्रीकांत बंगाली, कविता पति मिंटू बंगाली, आकाश पिता मिंटू विश्वास के खिलाफ अवैध कब्जा किये जाने की नियत से आवेदिका के आने जाने के रास्ते एवं खुले स्थान पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया। आवेदक महिला ने बताया कि दबंगो के इस अतिक्रमण के चलते उन्हें रास्ते से आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अनावेदक अब इस जगह पर कब्जा कर यहां मंदिर बनाने का भी प्रयास कर रहे हैं। पूर्व में भी इनके द्वारा मंदिर बनाकर रास्ते की जगह पर कब्जा किया गया है। 50 साल पुराना मंदिर बताकर शासन को गुमराह किया जा रहा।महिला का कहना है कि इस जगह पर अगर स्थाई और पक्का अतिक्रमण कर दिया गया तो आने जाने का रास्ता बाधित हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण का विरोध करने पर अनावेदक जाति सूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी देते हैं। बाहर के लोगों को बुलाकर डरा धमकाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

महिला ने थाना प्रभारी को अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनके बच्चे बाहर रहते है। घर पर कोई भी पुरूष सदस्य नहीं है, ऐसी स्थिति में उन्हें दबंगो से खतरा बना हुआ है। महिला ने थाना प्रभारी से आग्रह किया कि इस मामले में उचित जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि जमीनी विवाद के इस मामले में महिला द्वारा पूर्व में कलेक्टर, अजाक थाना एवं जनसुनवाई में भी शिकायत की जा चुकी है, इसके बावजूद भी इस प्रकरण का निराकरण नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते अनावेदकों के हौसले बुलंद है।

— राजस्व निरिक्षक के खिलाफ लगाए आरोप–

मुलताई थाने में सौंपे शिकायत आवेदन में आवेदिका लता झारखण्डे ने राजस्व निरीक्षक रवि पंदाम के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर अनावदेकगणों के कहने पर घर के सामने तोड़ फोड़ और घर का आंगन क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राजस्व निरिक्षक ने कानूनी कार्यवाही के नाम पर डरा धमकाकर तोड़ा फोड़ी की, उसके बाद अन्य अनावेदकगणों ने गाली गलौच कर जगह खाली करने की धमकी दी।

— राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है प्रकरण–

फरियादी महिला मीना धुर्वे, लता झारखण्डे के अनुसार उनका जमीनी विवाद राजस्व न्यायालय नर्मदापुरम में चल रहा है, जिसकी अपील न्यायालय आयुक्त नर्मदापुरम संभाग नर्मदापुरम में की है, जिसकी पेशी की तारीख 27 मार्च 2024 है। अपील की कापी तहसील में लगाने के बाद तहसीलदार ने मौके पर जॉच पड़ताल की, इसके बाद घर के सामने रखी जलाउ लकड़ी को हटानें का आदेश दिया था। तहसीलदार के मौके से जाने के तुरंत बाद राजस्व निरिक्षक रवि पदाम ने अनावदेकगणों के कहने पर घर के सामने तोड़ फोड़ की। इस मामले में उचित जांचकर कार्यवाही करने का आग्रह किया है।

— यह है विवाद–

दरअसल, विवाद यह है कि आवेदक वर्ष 1998 से 2016 तक बिना किसी रोक टोक के स्थायी पट्टे पर निवासरत थे, परन्तु अचानक पट्टे मिलने के 18 वर्षों बाद मिंटू विश्वास पिता स्व. श्रीकांत विश्वास ने दोनो परिवार पर उसकी जगह पर अवैध कब्ज़ा करके रहने का आरोप लगाया है। मिंटू विश्वास के पास किसी भी तरह का कोई स्थाई या अस्थाई पट्टा या दस्तावेज नहीं है। मिंटू विश्वास के पिता श्रीकांत विश्वास एक विस्थापित बांग्लादेशी थे ,जिसकी वजह से मिंटू विश्वास का दावा है कि उसके पिता स्व.श्रीकांत विश्वास को सरकार द्वारा 4900 वर्ग फ़ीट जगह भूखंड क्रमांक 17/1 में हथकरघा उद्योग के लिए दी गई थी, लेकिन 1998 तक उसके पिता ने न ही मिन्टू विश्वास ने किसी तरह का हथकरघा उद्योग लगाया। 1998 में जब राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत स्थायी पट्टे वितरित किये गए जिसमें आवेदकों के भी पट्टे शामिल थे।

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