Chhota Mahadev Bhopali : छोटा महादेव भोपाली में दरक रही पहाड़ी, महाशिवरात्रि पर लगेगी भक्तों की भीड़
कलेक्टर ने किया निरीक्षण, नौ अधिकारियों की टीम ने तलाशे सुरक्षा के प्रबंध करने के विकल्प

Chhota Mahadev Bhopali : मध्यप्रदेश में छोटा महादेव के नाम से विख्यात बैतूल जिले के शिवधाम भोपाली में पहाड़ी की जिस गुफा में शिवलिंग स्थापित है वह दरक रही है। वर्षाें पूर्व पहाड़ी में आई छोटी सी दरार अब बड़े रूप में पहुंच गई है। इतना ही नहीं पूरी पहाड़ी पर तीन स्थानों में लंबी दरारें आ गई हैं जिससे भक्तों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन चिंता में आ गया है।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भोपाली मेला स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना करने में किसी भी तरह की असुविधा न हो यह सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थल तक ही प्रवेश करने तथा वहां से सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने की व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों को पाबंद किया। उन्होंने कहा कि लोग पहाडिय़ों से चढक़र सीधे दर्शन स्थल तक न पहुंचें, यह सुनिश्चित किया जाए। श्रद्धालुओं को मेला स्थल पर सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं पेयजल, शौचालय उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी मेले के दौरान दिए गए दायित्वों का मुस्तैदी से निर्वहन करें। लापरवाही करने पर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों एवं मंदिर समिति के सदस्यों से महाशिवरात्रि पर आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों पर चर्चा की।

बैतूल के समीप रानीपुर गांव से चार किलो मीटर की दूरी पर स्थित पहाड़ी में गुफा में विराजे भगवान भोले नाथ की पूजा अर्चना करने के लिए महा शिवरात्रि पर जिले के सैकड़ों ग्रामों और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।पहाड़ पर पानी के तेज बहाव के चलते तीन स्थानों पर गहरी दरारें आ चुकी हैं।
पहाड़ी के धंसकने की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को भी तकनीकी अधिकारियों की टीम ने दिन भर मौके पर सुरक्षा के प्रबंध करने के उपाय तलाशे हैं। शनिवार तक प्रशासन इस संबंध में ठोस निर्णय ले लेगा। इसके बाद ही महाशिवरात्रि पर लगने वाले मेले और भक्तों के द्वारा दर्शन करने एवं वापस लौटने की व्यवस्था बनाई जाएगी।




