अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में चिचोली क्षेत्र के 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
चिचोली में स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों ने किया ध्वजारोहण, देशभक्ति और समाजसेवा की परंपरा को किया जीवंत

चिचोली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चिचोली के जय स्तंभ चौक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय कन्हैया लाल पहलवान आंवलेकर के वंशज संजय हंसराज आंवलेकर ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को सम्मान दिया। इस अवसर पर नगर के भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित गणमान्य नागरिकों ने संजय आंवलेकर का फूलमालाओं से जोरदार स्वागत और सम्मान किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के वंशज द्वारा नगर के प्रमुख शहीद स्मारक स्थल पर ध्वजारोहण किए जाने की चर्चा पूरे नगर में रही।
चिचोली क्षेत्र का स्वतंत्रता संग्राम से गहरा नाता रहा है। बताया जाता है कि अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में चिचोली क्षेत्र के 24 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन सेनानियों के वंशज आज भी देशप्रेम, राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ा रहे हैं। इन्हीं में संजय हंसराज आंवलेकर भी शामिल हैं, जो सामाजिक गतिविधियों के साथ राजनीति में सक्रिय रहते हुए विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।
संजय आंवलेकर नगर परिषद के प्रथम अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे आदिम जाति सेवा सहकारी सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं। रामलीला परिवार के अध्यक्ष के रूप में भी वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिंह कुशवाह के करीबी माने जाने वाले संजय आंवलेकर लगातार समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय नजर आते हैं।
15 अगस्त को जय स्तंभ चौक पर ध्वजारोहण के बाद नगर के भाजपा-कांग्रेस नेताओं और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया। स्वतंत्रता सेनानी परिवार की इस भागीदारी को लोगों ने चिचोली की गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम की परंपरा और वर्तमान पीढ़ी में देशभक्ति की भावना के जीवंत प्रमाण के रूप में देखा।
इसी क्रम में तहसील परिसर में भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय किररा यादव गोधना के वंशज छत्रपाल यादव ने ध्वजारोहण किया। इस तरह स्वतंत्रता दिवस पर चिचोली में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों ने राष्ट्रध्वज फहराकर अपने पूर्वजों के त्याग, संघर्ष और देशभक्ति की विरासत को आगे बढ़ाया।




