राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर सख्त…
लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश।

बैतूल। 24 फरवरी 2026
कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती के लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण की तहसीलवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि डायवर्सन, बंटवारा और नामांतरण से जुड़े लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कर उन्हें तुरंत राजस्व पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा और डायवर्सन के लंबित मामलों के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी उठानी न पड़ें। ऐसे में सभी पटवारी और आरआई अपने-अपने क्षेत्र के लंबित प्रकरणों की सूची बनाकर तय समय सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी राजस्व अमले को फील्ड में सक्रिय रहकर कार्य करने और शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि किए गए कार्य की नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि राजस्व वसूली और प्रकरणों के निराकरण में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व वसूली में प्रगति लाने के लिए निर्देश
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रतिदिन राजस्व वसूली में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं समय पर राजस्व जमा नहीं करने वाले बकायादारों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने विशेष रूप से कॉलोनाइजरों द्वारा राजस्व जमा न करने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि जो कॉलोनाइजर निर्धारित समय में टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
डिजिटल जनगणना में उपयोग किए जाने वाले सीएमएमएस पोर्टल का विस्तृत प्रदर्शन
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जिला पंचायत सभागार में जनगणना 2027 प्रशिक्षण संपन्न
जनगणना 2027 के प्रथम चरण के द्वितीय दिवस जिला एवं ग्रामीण चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण जिला पंचायत सभागार में राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों द्वारा आयोजित किया गया। प्रशिक्षण सत्र में जनगणना पदाधिकारियों की भूमिका, उनसे जुड़े विधिक प्रावधान, वित्तीय एवं मानव संसाधन प्रबंधन, तथा जनगणना कार्य में नागरिकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षकों ने जनगणना 2027 के दौरान किए जाने वाले मकान सूचीकरण से संबंधित आधारभूत 34 प्रश्नों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए उनके सही एवं पूर्ण उत्तर दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई। प्रतिभागियों को डिजिटल माध्यम से डाटा संकलन की शुद्धता और एकरूपता बनाए रखने पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण पहली बार आयोजित हो रही डिजिटल जनगणना में उपयोग किए जाने वाले सीएमएमएस (CMMS) पोर्टल का विस्तृत प्रदर्शन रहा। इसमें पोर्टल के मॉड्यूल, उपयोगकर्ता प्रकार, पंजीयन प्रक्रिया, प्रबंधन प्रणाली, डैशबोर्ड से कार्य प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करना, प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन, नियुक्ति पत्र एवं पहचान पत्र वितरण तथा डाटा एंट्री मॉड्यूल के संचालन की बिंदुवार जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त मकान सूचीकरण ब्लॉक का लेआउट तैयार करना, ग्राम एवं नगर चार्ज रजिस्टर का निर्माण, स्व-गणना प्रक्रिया, प्रगणक एवं पर्यवेक्षक की भूमिका तथा ग्राम-कस्बा चार्ज रजिस्टर तैयार करने की विधि पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सीएमएमएस पोर्टल के तकनीकी निर्माण के अंतर्गत 180 से 200 मकानों अथवा 700 से 800 जनसंख्या पर एक जनगणना ब्लॉक बनाने तथा उसके प्रभावी मॉनिटरिंग की प्रक्रिया भी समझाई गई। प्रशिक्षकों ने डाटा नैतिकता, गोपनीयता एवं सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए मोबाइल एवं वेब आधारित कार्य प्रणाली में तकनीकी सुरक्षा उपायों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट ने मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों की सूची तैयार करने, जनगणना के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने, अधिकतम जनसमुदाय तक प्रचार-प्रसार करने तथा पोर्टल एवं मोबाइल एप का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने हेतु जनगणना निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन एवं पालन करने के लिए प्रेरित किया। अंत में अतिरिक्त जनगणना अधिकारी द्वारा राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल तथा प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रशिक्षण सत्र का समापन किया गया।
विवादों के वैकल्पिक समाधान के लिए मध्यस्थता भी प्रभावी तरीका है
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देश के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 के संबंध में प्रशिक्षित अधिवक्ता मध्यस्थों की समीक्षा बैठक का आयोजन
प्रशिक्षित अधिवक्ता मध्यस्थों की समीक्षा बैठक का आयोजन मंगलवार को जिला न्यायालय के वीसी कक्ष में किया गया। बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल द्वारा बताया गया कि विवादों के वैकल्पिक समाधान के लिए मध्यस्थता भी प्रभावी तरीका है। मध्यस्थता की सबसे बडी विशेषता इसकी गोपनीयता है। मध्यस्थता कार्यवाही अंतर्गत दी गई जानकारी कोई भी पक्षकार किसी अन्य न्यायालय में अथवा स्थान पर उपयोग नहीं कर सकता है।
उन्होने सभी प्रशिक्षित अधिवक्ता मध्यस्थों को मध्यस्थता योजना, उन्हें रेफर किये जाने वाले प्रकरणों की स्थिति, पक्षकारों के साथ प्रभावी सिटिंग तथा प्रकरणों के अधिवक्ताओं के साथ समन्वय के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए देश के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 के अंतर्गत अधिक से अधिक प्रकरण रेफर करने तथा मध्यस्थता योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल द्वारा यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा पूरे देश में देश के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0 चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत न्यायालय में लंबित सभी प्रकार के सिविल, मोटर दुर्घटना, चेक बाउंस के मामले तथा पारिवारिक विवादों को मध्यस्थता के माध्यम से निराकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। मध्यस्थता वही करा सकता है जिसने एमसीपीसी संस्था द्वारा निर्धारित मिडिएशन का 40 घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अंतर्गत न्यायाधीशगण और अधिवक्तागण आते है। बैठक के अंत में सभी प्रशिक्षित अधिवक्ता मध्यस्थों को नववर्ष की डायरी भी प्रदान की गई।
बैठक में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सोमनाथ राय, प्रशिक्षित अधिवक्ता मध्यस्थ श्री बी.के. पांडे, श्री संजय चौरसे, गीता पवार, सुनंदा नागले, देवेन्द्र चढोकार, आर. के. सोनारे, अभय चौहान, संदिप खाण्डवे आदि उपस्थित रहे।




