मां तुलजा भवानी गरबा महोत्सव में दीप नृत्य से भक्तिमय हुआ माहौल
पारंपरिक परिधानों में महिलाओं ने गरबा कर दिया प्रेम, स्नेह और सामाजिक एकता का संदेश

बैतूल। क्षत्रिय लोणारी कुनबी समाज महिला संगठन की अध्यक्ष अरुणा पाटणकर एवं उनकी कार्यकारिणी के तत्वावधान में कस्तूरी बाग में मां तुलजा भवानी गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज की वरिष्ठ संरक्षक बहनों सहित प्रवीण ठाकरे, मुन्ना मानकर, नागेंद्र वागद्रे, ललित साबले और चढ़ोकार सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सारणी-बगडोना की अध्यक्ष सरिता कापसे के साथ वर्षा जी और हेमागिनी कनाते जी भी शामिल हुईं।
कार्यक्रम की शुरुआत सरिता कापसे, माधुरी साबले, जया मानकर, वंदना देशमुख, चन्द्रकला गावंडे, समाज की प्रथम अध्यक्ष अलका लिखितकर और वर्तमान अध्यक्ष अरुणा पाटणकर द्वारा मां तुलजा भवानी के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। कुशल नृत्यांगना मोनिका वागद्रे ने गरबा नृत्य की रूपरेखा तैयार की। इसके बाद कार्यक्रम प्रभारी सोनाली वागदरे, योगिता गायकवाड़, संध्या अड़लक, सुनीता साबले, संध्या कावड़कर, दुर्गा दवण्डे, रीता वाघमारे, लेखनी डोंगरे, दीपिका वागद्रे, हेमलता लोखंडे, जमना पंडाग्रे, कला माकोड़े, भारती धोटे, लता कनाठे, गूंता देशमुख, ज्योति बारस्कर, कल्पना पांसे और अनुराधा देशमुख ने दीप नृत्य के माध्यम से मां अम्बे की आराधना की।
गरबा गीतों पर अलका लिखितकर, अनीता वागद्रे, संगीता गलफट, लता चढ़ोकार, राजेश्वरी लिखितकर, कविता धोटे, शेवन्ति माकोड़े, लता माकोड़े, सुमित्रा माकोड़े, गीता धोटे, वनिता बोहरपी, जयश्री अड़लक, ममता बारस्कर, सरोज माकोड़े, विशाखा लिखितकर, नीतू चढ़ोकार और अरुणा पाटणकर ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। दो से तीन घंटे तक चले इस महोत्सव में उपस्थित महिलाओं और समाजजनों ने उत्साहपूर्वक गरबा किया तथा प्रस्तुतियों की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन सोनाली वागद्रे, योगिता गायकवाड़ और लेखनी डोंगरे ने किया। अंत में अध्यक्ष अरुणा पाटणकर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज के सभी भ्राताओं और भगिनियों से आगे भी सहयोग बनाए रखने की अपील की। महोत्सव ने मां अम्बे की आराधना के साथ सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और पारंपरिक संस्कृति को सहेजने का संदेश दिया।




