पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सीएम को सौंपा ज्ञापन, प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ ने उठाई 10 सूत्रीय मांगें

बैतूल। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने और आर्थिक रूप से कमजोर पत्रकारों को आवास सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। संगठन के जिला अध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने मांग की है कि प्रदेश में प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए, ताकि निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले मीडियाकर्मियों को धमकी, मारपीट और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न जैसी घटनाओं से सुरक्षा मिल सके। पत्रकारों के साथ ऐसी घटनाएं होने पर पुलिस-प्रशासन द्वारा त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
ज्ञापन में पत्रकारों और उनके आश्रित परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विशेष सहायता देने की मांग की गई है। दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में प्रभावित पत्रकार अथवा उनके आश्रित परिवार को बिना जटिल प्रक्रिया के तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया है।
संघ ने ग्रामीण, दूरदराज और तहसील स्तर पर विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाले पत्रकारों के लिए विशेष कल्याणकारी प्रावधान करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकारी योजनाओं की आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाई जानी चाहिए, ताकि पात्र पत्रकार योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद पत्रकारों के लिए आवास सुविधा तथा आर्थिक सहायता की व्यावहारिक योजनाएं शुरू करने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा पत्रकारों की मान्यता और अधिमान्यता की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने, जिला स्तर पर पत्रकारों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रभावी व्यवस्था स्थापित करने अथवा नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आग्रह किया गया है। पत्रकार संगठनों की नियमित संवाद बैठकें आयोजित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
जिला अध्यक्ष राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पत्रकारों के हितों से जुड़ी इन 10 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि प्रदेश के पत्रकारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक कार्य वातावरण मिल सके।




