आईटीआई और अतिक्रमण के मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिले आयोग सदस्य मंगल सिंह धुर्वे
शाहपुर आईटीआई का परम फाउंडेशन को हस्तांतरण रोकने की मांग

चोपना की 58 दुकानों पर दर्ज अतिक्रमण प्रकरण निरस्त कराने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप का आग्रह
प्रशिक्षणार्थियों के विरोध और दुकानदारों की समस्या से कराया अवगत
बैतूल। मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण मामलों को लेकर हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने शासकीय आईटीआई शाहपुर को परम फाउंडेशन नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन एनजीओ को हस्तांतरित नहीं करने तथा ग्राम पंचायत चोपना की 58 दुकानों पर दर्ज अतिक्रमण के प्रकरण निरस्त कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया।
धुर्वे ने मुख्यमंत्री को दिए पत्र में बताया कि घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में संचालित आईटीआई घोड़ाडोंगरी को वर्ष 2023 में परम फाउंडेशन को हस्तांतरित किया जा चुका है। अब आईटीआई शाहपुर को भी परम फाउंडेशन को सौंपे जाने की प्रक्रिया से प्रशिक्षणार्थियों और उनके पालकों में रोष है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले से एक आईटीआई हस्तांतरित किए जाने के आदेश के तहत घोड़ाडोंगरी आईटीआई को पहले ही हस्तांतरित किया जा चुका है। नियमों के अनुसार ऐसी आईटीआई का चयन किया जाना है, जहां तीन या उससे कम ट्रेड हों, प्रवेश कम हो और प्लेसमेंट भी कम हो। धुर्वे ने कहा कि आदिवासी विकासखंड शाहपुर में संचालित शासकीय आईटीआई को निजी एनजीओ को सौंपना उचित नहीं है और शासन के नियमों के विरुद्ध प्रतीत होता है। उन्होंने शाहपुर आईटीआई का हस्तांतरण रोकने के निर्देश देने की मांग की।
– चोपना की दुकानों का मामला भी उठाया
दूसरे पत्र में धुर्वे ने ग्राम पंचायत चोपना, विकासखंड घोड़ाडोंगरी की दुकानों पर दर्ज अतिक्रमण की कार्रवाई निरस्त कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि मौजा चोपना तहसील घोड़ाडोंगरी की खसरा नंबर 102 की 0.960 हेक्टेयर भूमि वर्ष 1964 से 1 नवंबर 1990 तक पुनर्वास विभाग के अंतर्गत थी। वर्ष 1988 में ग्राम पंचायत और पुनर्वास विभाग की सहमति से यहां 58 दुकानों का निर्माण कराया गया था। 1 नवंबर 1990 को पुनर्वास परियोजना शाहपुर के सामान्यीकरण के बाद बाजार का उचित मद में हस्तांतरण नहीं हो सका। वर्तमान में दुकानों को अतिक्रमण मानकर हटाने की कार्रवाई की जा रही है। धुर्वे ने बाजार को संरक्षित करने के लिए 58 दुकानदारों के विरुद्ध दर्ज अतिक्रमण प्रकरण निरस्त कराने का मुख्यमंत्री से अनुरोध किया।




