विमुक्त घुमंतू महासंघ का प्रतिनिधिमंडल मंत्री कृष्णा गौर से मिला।
डीएनटी समाज की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा कर ज्ञापन सौंपा। उपजातियों के नाम संशोधन और धनगर जाति में शामिल करने की मांग।

बैतूल। विमुक्त घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजाति महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मधुसूदन धनगर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विभाग की मंत्री कृष्णा गौर से शिष्टाचार भेंट की। प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं सोशल मीडिया प्रभारी धीरज पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में डीएनटी समाज की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह बगोरिया, नारी शक्ति प्रदेश अध्यक्ष सुनीता धनगर, भोपाल संभाग अध्यक्ष उर्जन सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी सुनील पाल, भोपाल जिला अध्यक्ष रानू पाल, ग्रामीण जिला अध्यक्ष रणवीर सिंह बघेल, विजय राम कंजर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में भारुड उपजाति को धनगर जाति में जोड़ने तथा रेभारी को रेबारी किए जाने की मांग उठाई गई। साथ ही इन मांगों को लेकर मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि डीएनटी समाज को सबसे अधिक परेशानी जाति प्रमाण पत्रों में नामों की असमानता और दस्तावेजी त्रुटियों के कारण होती है, जिससे उन्हें शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। विशेष रूप से ‘भारुड’ उपजाति को धनगर जाति में शामिल करने और ‘रेभारी’ को ‘रेबारी’ किए जाने की मांग को प्राथमिकता से उठाया गया, ताकि प्रशासनिक स्तर पर एकरूपता लाई जा सके। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और आवास योजनाओं में पहुंच की बाधाओं पर भी ध्यान दिलाया गया। मंत्री कृष्णा गौर ने इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से परीक्षण कराने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि इन प्रयासों से समाज के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।




