Respect : डागा फाउंडेशन के अकल्पनीय, ऐतिहासिक आयोजन में राष्ट्र की अनमोल धरोहरों का सम्मान
डागा फाउंडेंशन ने केन्द्र एवं राज्य स्तर के लगभग 5 हजार सेवा निवृत्ति कर्मचारियों का किया सम्मान

Betul News : बैतूल। डागा फाउंडेशन ने आज तक जो भी आयोजन किया संभवत वह अकल्पनीय और ऐतिहासिक रहे हैं।इसी कड़ी में रविवार को फाउंडेशन ने सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए राष्ट्र निर्माता सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में लगभग 5000 सेवानिवृत कर्मचारियों को राष्ट्र निर्माता सम्मान से सम्मानित किया गया। सभी कर्मचारियों ने सम्मान पाकर गौरवान्वित महसूस किया और फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि समाज के प्रत्येक वर्ग का सम्मान एवं नौनिहालों के भविष्य को सवारने का संकल्प लेकर लगातार आगे बड़ रहे डागा फाउंडेशन ने रविवार जैन दादावाड़ी में सम्मान समारोह आयोजित किया। यह सम्मान समारोह उन सेवा निवृत्त कर्मचारियों को प्रदान किया गया जिनकी राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यही कारण है कि डागा फाउंडेंशन ने केन्द्र एवं राज्य स्तर के लगभग 5 हजार सेवा निवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्र निर्माता सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम की गरीमा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन कर्मचारियों का सम्मान पुष्प वर्षा के साथ किया गया और कार्यक्रम के अंत में सभी कर्मचारियों को स्नेह भोज भी कराया गया। कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय विभागों के सेवानिवृत अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा जिला सैनिक संघ के पूर्व सैनिक डब्ल्यूसीएल के सेवा निवृत्त कर्मचारी भी शामिल थे।

आजादी के बाद देश की उन्नति में सेवा निवृत्त कर्मचारियों का विशेष योगदान : डागा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैतूल विधायक निलय डागा ने सेवा निवृत्त कर्मचारियों को देश की सबसे बड़ी धरोहर बताते हुए कहा कि जब देश आजाद हुआ तब देश की सरहदें खाली पड़ी हुई थीं। खाधान्न का संकट था, उद्योग नहीं थे, सिंचाई की सुविधाएं नहीं थी। पहला चुंनाव वर्ष 1950 में हुआ और पंडित जवाहर लाल नेहरू देश के पहले प्रधान मंत्री बने। आप सोच सकते हैं कि उस समय नेहरूजी के सामने कितनी बड़ी-बड़ी चुनौतियां थी। हो सकता है कि यहां पर विराजमान कई सेवानिवृत्ति उस समय नौकरी भी कर रहे होंगे। उस समय काफी अल्प वेतन में काम करना पड़ता था। साधन और संसाधनों का देश मे अभाव था। प्रत्येक विभाग के कर्मचारी को बड़ी तकलीफों में काम करना पड़ता था। वो समय किसी और ने नहीं बल्कि आपने काफी नजदीक से देखा भी होगा और महसूस भी किया होगा। नेहरूजी जो अपना सपना साकार कर पाए हैं, तो आप लोगों की बदौलत ही कर पाए हैं, क्योंकि यदि शासकीय कर्मचारी ना हो तो हम नेता कभी कुछ नहीं कर सकते। आज भारत यदि विश्वगुरु बनने की तरफ बढ़ रहा है तो केवल आपके समर्पण, आपके कर्तव्य ओर केवल आपकी बदौलत ही यह संभव हो पा रहा है। श्री डागा ने मंच के माध्यम से जिले के दिवंगत हो चुके सेवा निवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को भी नमन किया जिन्होंने इस देश को इस बैतूल को नई दिशा प्रदान करने में अपनी महती भूमिका निभाई है।

देश-प्रदेश और जिलों में पहली बार देखा ऐसा सम्मान: के.के. पांडे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवा निवृत्त डीएसपी एवं वरिष्ठ नागरिक मंच के सचिव के के पांडेय ने मंच के माध्यम से डागा फाउंडेशन एवं बैतूल विधायक निलय विनोद डागा की दिल खोल कर प्रशंसा की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सेवा निवृत्त कर्मचारियों को दिये जाने वाले राष्ट्र निर्माता का यह सम्मान अतुलनीय है उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश और यहां तक की किसी भी जिले में सेवा निवृत्त कर्मचारियों का इस तरह का सम्मान कार्यक्रम आयोजित होते कभी नहीं देखा।

उन्होंने भावुकता भरे अपने उद्बोधन में बताया कि मेरी 80 वर्ष की आयु में मुझे कई आमंत्रण पत्र मिले , लेकिन जब डागा फाउंडेशन का यह आमंत्रण मेरे हाथ में आया तो मन खुशी से गदगद हो गया। इसके पीछे वजह ये है कि सेवा निवृत्त होने के बाद बुजुर्ग व्यक्ति अक्सर समाज, परिवार, और यहां तक कि सरकार से भी कट कर रहा जाता है। ऐसे में यदि इस उम्र में किसी बुजुर्ग को इस तरह का सम्मान मिल जाये तो हमारी खुशियों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस अद्भूत, अकल्पनीय, कार्यक्रम के लिए वाकई में बैतूल विधायक निलय विनोद डागा एवं बिटिया व बहु श्रीमती दीपाली निलय डागा साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने मंच के ही माध्यम से बैतूल विधायक निलय विनोद डागा को मानस पुत्र की उपाधी भी दी।
पुष्प वर्षा के साथ हुआ सम्मान
सेवा निवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति डागा फाउंडेशन की कृतज्ञता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम में मौजूद सेवा निवत्र्त कर्मचारियों की सेवा सम्मान में कहीं कोई कमी नहीं रखी गयी थी। कार्यक्रम की गरिमा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम स्थल आमंत्रित किये गए सेवा निवृत्त कर्मचारियों से खचा खच भरा हुआ था। जिस वक्त डागा फाउंडेशन की डायरेक्टर श्रीमती दीपाली निलय डागा एवं बैतूल विधायक निलय विनोद डागा सेवा निवृत्त कर्मचारियों का सम्मान कर रहे थे ठीक उसी वक्त कर्मचारियों के सम्मान में पुष्प वर्षा भी की जा रही थी। जिसके बाद कार्यक्रम की गरिमा देखते ही बन रही थी।
इन विभागों के महानुभव रहे मंचासीन
कार्यक्रम में डागा फाउंडेशन द्वारा सभी शासकीय विभागों से सेवा निवृत्त कर्मचारियों को आमंत्रित कियसा गया था। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग से उमाकांत श्रीवास्तव, श्रीमती वंदना तिवारी, उच्च शिक्षा विभाग से हेमराज मगरदे, जिला सैनिक संघ से पंडरी डांगे और सुदामा सूर्यवंशी, तकनीकी शिक्षा विभाग से लखनलाल महानंदे, पशु पालन विभाग से डॉ. जेएस तिवारी एवं एसएन हसन, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. एके पांडे, आबकारी विभाग से बीआर खंडाग्रे, वन विभाग से नारायणराव धोटे, विद्युत विभाग से डीके तिवारी एवं एमएम अंसारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से केआर मालवीय, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से होरीलाल मालवीय, जल संसाधन विभाग से प्रताप वागद्रे, राजस्व विभाग से शंकरराव देशमुख सहित अन्य विभागों के सेवा निवृत्त कर्मचारी एवं अधिकारी मंचासीन थे। इस दौरान आमंत्रित सेवा निवृत्त कर्मचारियों ने कार्यक्रम को संबोधित भी किया।




