grand open mic event: बैतूल में शेरो-शायरी और हास्य से सजी महफिल

लगातार तीसरी बार बैतूल ओपन माइक का हुआ आयोजन, कलाकारों ने बिखेरी कला की रोशनी  

बैतूल। बदनूर आर्ट्स ने शहर के चक्कर रोड स्थित तंदूरी डिलाइट होटल में लगातार तीसरी बार बैतूल ओपन माइक का भव्य आयोजन किया, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकारों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। रविवार को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चले इस कार्यक्रम में शेरो-शायरी, हास्य, लघुकथाएं, कविताएं, गीत-संगीत और संवाद प्रस्तुत किए गए। इस आयोजन ने कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, साथ ही बैतूल की कला संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास भी किया।

बदनूर आर्ट्स द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के संस्थापक प्रवीण कुमार, सहसंस्थापक अभिषेक मानकर और गोविंद मालवीय ने बताया कि यह आयोजन कलाकारों को एक पहचान दिलाने के लिए किया गया। इस मंच के माध्यम से कलाकारों की प्रतिभा को सोशल मीडिया के जरिए व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा रहा है, जिससे बैतूल के कलाकार अब प्रसिद्धि की ओर बढ़ रहे हैं।

कार्यक्रम में गीत-संगीत, स्टैंड-अप कॉमेडी, शायरी और कविता जैसी विधाओं का प्रदर्शन हुआ। छिंदवाड़ा के देवेंद्र मालवीय और प्राची वाघमारे, आठनेर की गौरी सूर्यवंशी और साई जगताप, कोटमी के राजेंद्र बरसकर और भोपाल के संजू एवन समेत कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। इसके अलावा बैतूल की नम्रता ठाकरे, मनीषा कवड़े, रवि डांगे, दीपेंद्र युवने, अंकुश पाटणकर, भावना मानकर, प्रशांत शर्मा, अद्वित सिंह राजपूत, प्रियांशी राजपूत और आरती चित्ताजवार ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजकों के अनुसार बदनूर आर्ट्स का उद्देश्य छुपी हुई प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी कला को निखार सकें और उसे दुनिया तक पहुंचा सकें। संस्थापक प्रवीण कुमार ने कहा कि हमारी कोशिश है कि बैतूल जैसे छोटे शहरों के कलाकारों को बड़े स्तर पर पहचान मिले। कार्यक्रम की सफलता ने यह साबित कर दिया कि बैतूल के कलाकारों में असीम संभावनाएं हैं। बदनूर आर्ट्स के इस प्रयास ने कला को नया आयाम दिया है और स्थानीय कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है।

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