स्वतंत्र किसान पार्टी ने समस्या का समाधान नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

गरीब परिवारों को पट्टे देने में असफल साबित हो रही सरकार: राष्ट्रीय अध्यक्ष अयाज खान


बैतूल। जिले में वर्षों से पट्टों के इंतजार में बैठे गरीबों के सब्र का बांध अब टूट रहा है। स्वतंत्र किसान पार्टी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने का बीड़ा उठाया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अयाज खान ने घोषणा की है कि जल्द ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा, और यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।


आठनेर के वार्ड क्रमांक 10 सहित जिले के कई हिस्सों में 40-50 सालों से बसे परिवार अपने आवास के पट्टे मिलने की आस लगाए बैठे हैं। इन लोगों ने मकान कर, बिजली बिल और नल कर जैसे सभी टैक्स समय पर जमा किए हैं, लेकिन आज तक उन्हें पट्टे नहीं दिए गए। यह समस्या केवल आठनेर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में ऐसे कई उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां दशकों से बसे लोग आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इस मामले पर अयाज खान ने कहा, हर चुनाव के समय नेताओं द्वारा बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गरीब जनता की सुध लेने कोई नहीं आता। मध्य प्रदेश सरकार जहां एक ओर गरीबों को स्थायी करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर दशकों से बसे इन परिवारों को पट्टे देने में असफल साबित हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गरीब जनता नियमित रूप से टैक्स भरती आ रही है, तो उन्हें पट्टे देने में देरी क्यों हो रही है।
आठनेर के वार्ड क्रमांक 10 के निवासी राजकुमार राठौर, इंदु बाई, शेख इरशाद, संजू कटारे, रवि मोहाड़े ने बताया कि उनकी बस्ती में लोग दशकों से रह रहे हैं, लेकिन पट्टे न मिलने के कारण उन्हें हमेशा अस्थायी समझा जाता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन से कई बार इस मुद्दे पर बात की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अयाज खान ने बस्तीवासियों से बातचीत करते हुए कहा कि स्वतंत्र किसान पार्टी गरीबों के हक के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही प्रशासन ने इस मुद्दे का समाधान नहीं किया, तो पूरे जिले में बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। पार्टी ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि आठनेर वार्ड क्रमांक 10 सहित जिलेभर के जरूरतमंदों को जल्द से जल्द उनके आवास के पट्टे दिए जाएं। यह मामला अब केवल एक बस्ती का नहीं रहा, बल्कि पूरे जिले का मुद्दा बन गया है। जनता को उम्मीद है कि स्वतंत्र किसान पार्टी के नेतृत्व में उनकी आवाज शासन तक पहुंचेगी और उन्हें उनका अधिकार मिलेगा।

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