ख़बर का बड़ा असर रेंजर की फर्जी साइन करके प्रतिवेदन जारी करने वाला नाकेदार ओमपाल हुआ निलंबित।
सीसीएफ के संज्ञान के बाद की गई कार्यवाही,निलम्बन अवधि में मुख्यालय होगा कार्यक्षेत्र, दिया जाएगा जीवन निर्वहन भत्ता, पर अवैध कटाई मामले में सीसीएफ का उड़नदस्ता करेगा जांच जांच के बाद होगी जिम्मेदारों पर कार्यवाही।

एंकर – मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में वनों की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए लगातार मामले उजागर किये जा रहे है जिसको लेकर भोपाल से भी जांच टीम बैतूल आई थी जिसका जांच का प्रतिवेदन रेंजर की फर्जी साइन कर नाकेदार ओमपाल ने प्रेस रिलीज करवा दिया था जिसकी जानकारी खुद रेंजर को भी नही थी वहीं इस बात की जानकारी हमारे द्वारा तत्काल सीसीएफ के संज्ञान में लायी गयी जिसके बाद सीसीएफ के निर्देश पर निलंबन की कार्यवाही पश्चिम वन मंडलाधिकारी द्वारा की गई दरअसल पश्चिम वन मंडल की सांवलीगढ़ रेंज के जंगल में सैकड़ों सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई की खबरें हमारे द्वारा लगातार उठाई जा रही थी जिसका संज्ञान लेकर भोपाल की विजिलेंस टीम ने लिया था जिसके बाद एक जांच दल बैतूल पहुँचा था जिसकी जांच पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े हुए थे पर जांच प्रतिवेदन अब तक विजिलेंस हेड के पास नही पहुँचा है पर यहाँ पर नाकेदार ने खुद को रेंजर समझते हुए रेंजर की फर्जी साइन करके एक प्रतिवेदन प्रेस में जारी करवा दिया साथ ही शासकीय दस्तावेजों को भी सार्वजनिक किया जिसकी जानकारी हमारे द्वारा मुख्य वन संरक्षक को दी गई थी और मामला सीसीएफ के संज्ञान में आते ही तत्काल कार्यवाही के लिए डीएफओ को निर्देशित किया था जिसके बाद निलम्बन की कार्यवाही की गई और उसे वन मंडल मुख्यालय अटैच किया गया आपको बता दें कि यह कार्यवाही रेंजर की फर्जी साइन के कारण की गई है पर बड़ा सवाल यह है कि एक कार्यवाही तत्काल कर दी गई वहीं सैकड़ों सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई मामले में अब तक कोई कार्यवाही नही की गई तो क्या इस पूरे अवैध कटाई मामले में अंडर ट्रेनिंग आईएफएस के संरक्षण के चलते कोई कार्यवाही नही की जा रही है जबकि रेंजर और एसडीओ ने खुद माना है कि कटाई तो हुई है जबकि अवैध कटाई के बाद नाकेदार ओमपाल को बचाने के लिए फर्जी पीओआर तक करवा दिए गए इसके बाद आज मुख्य वन संरक्षक द्वारा सम्पूर्ण जांच करवाने और जिम्मेदारों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है अब देखना यह होगा इस अवैध कटाई मामले में कब निष्पक्ष जांच होगी और कब भृष्टाचारियों पर कार्यवाही की जाएगी।




