संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर बांसपानी में निकाली रैली।
मुख्य अतिथि ने संविधान को बताया विश्व का सर्वश्रेष्ठ दस्तावेज। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं की रही सहभागिता।

बैतूल। ग्राम बांसपानी के आठवां मिल चौराहा पर मंगलवार को संविधान के शिल्पकार भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गौतम बुद्ध एवं डॉ अंबेडकर के छाया चित्र पर मोमबत्ती प्रज्वलित कर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद माखन सूर्यवंशी ने त्रिशरण एवं पंचशील का उच्चारण किया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने दोहराया।
मुख्य अतिथि बी एल मासोदकर ने अपने संबोधन में बाबा साहेब के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके द्वारा रचित संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान है, जिसमें सभी वर्गों का समावेश किया गया है। अंतू सिंह मर्सकोले ने संबोधित करते हुए युवाओं से कहा कि देश निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें संविधान का अध्ययन कर कानून व न्याय व्यवस्था की समझ विकसित करनी चाहिए।
कार्यक्रम में हंसराज यादव, चैन सिंह परते, मोहन जौंजारे और कृष्णकुमार बामने ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान युवाओं ने डीजे की धुन पर जयंती गीतों पर नृत्य किया और जय भीम के ध्वजों के साथ रैली निकाली, जो ग्राम पाढर पहुंची। यहां नूरी जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुबीन भाई, कोषाध्यक्ष रियाज खान तथा मकदूम बाबा दरबार सेवा समिति के अध्यक्ष शेख दाऊद सहित सदस्यों ने रैली का स्वागत किया।
इसके बाद युवा बैतूल पहुंचकर वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में पाढर मंडल अध्यक्ष नन्दन यादव, सरपंच सोनू ऊईके,बाबूलाल जौंजारे,भीमराव बामने,दिनेश जावलकर,रुसीलाल झड़बडे,प्रशांत जावलकर, राजेश जावलकर,कारण नागले,संदीप पाटिल,सतीश ऊईके,गब्बर शेषकर,अमित बामने,सचिन पाटील,सुजल जौजारे, अविनाश जावलकर,शिव परते,मनीष परते, पवन बरडे,श्रीमती चित्ररेखा जौजारे,सीमा जावलकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, ग्रामीण व बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। मंच संचालन बाबूराव जावलकर ने किया और आभार सचिन झड़बड़े ने व्यक्त किया। अंत में रायता-पुलाव का वितरण किया गया।




