Betul news: बिजली कंपनी ने गलत तरीके से बकायादार बनाकर शहरी कृषि पंप उपभोक्ताओं को किया बदनाम

किसानों ने कलेक्टर जनसुनवाई सहित थाने में की शिकायत, कार्रवाई की मांग


बैतूल। शहर के कई शहरी कृषि पंप उपभोक्ताओं ने मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी बैतूल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदकों आलोक कुमार वर्मा, अमरनाथ वर्मा, शकुंतला वर्मा, संतोष अडलक और श्याम ढोलेकर ने कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत पत्र देकर बताया कि कंपनी ने उन्हें गलत तरीके से बकायादार बना दिया है और बिना सूचित किए उनके नाम शहर में जगह-जगह फ्लेक्स पर छापकर बदनाम कर दिया है।
किसानों का कहना है कि कंपनी ने उनके कृषि पंपों के देयकों में अधिभार और सरचार्ज जोड़कर भारी भरकम बिल बना दिए। विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम और म०प्र० विद्युत नियामक आयोग के आदेशों की अवहेलना करते हुए उन्हें बकायादार बना दिया गया। वसूली न कर पाने पर कृषि पंप कनेक्शन काट दिए गए, फिर भी जब वसूली नहीं हो पाई, तो दुर्भावनापूर्ण तरीके से उनके नाम फ्लेक्स पर छापकर बदनाम करने की कार्रवाई की गई। आवेदकों ने बताया कि मप्र विद्युत नियामक आयोग का आदेश दिनांक 28/05/2024 और विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम भोपाल का आदेश दिनांक 23/12/2018 की भी अवहेलना की गई। इसके बावजूद उन्हें गलत विद्युत बिल प्रदान कर वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
— विद्युत फोरम में दायर किया वाद —
आलोक कुमार वर्मा ने कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि बिजली कंपनी की गलत बिलिंग के चलते उन्होंने विद्युत फोरम में वाद दायर किया था। माननीय फोरम ने दिनांक 23 दिसंबर 2019 को आदेश दिया था कि कंपनी किसानों को संशोधित बिल प्रदान करे और सब्सिडी का समायोजन करे। बावजूद इसके, कंपनी ने डेढ़ साल बाद जुलाई 2021 में संशोधित देयक प्रदान किया, जिसमें भी कई त्रुटिया थीं। वर्मा ने बताया कि जून 2017 से सब्सिडी का सही समायोजन नहीं किया गया और सरचार्ज/अधिभार जोड़कर भारी भरकम राशि बिल में जोड़ दी गई। इसके अलावा, कंपनी ने जुलाई 2020 से अब तक के बिलों में भी सब्सिडी नहीं दी। बकाया राशि का भुगतान न कर पाने के कारण, अधिकारियों ने पिछले छह महीनों से वर्मा का विद्युत कनेक्शन विच्छेदित कर दिया है। इसके बाद भी, वसूली न कर पाने की स्थिति में उनके नाम जगह-जगह पोस्टर पर लिखकर उन्हें बदनाम किया गया।
— किसानों की आपत्ति–
किसानों ने विद्युत नियामक आयोग के समक्ष भी अपनी आपत्ति दर्ज की थी, जिसके बाद आयोग ने 2024-25 के लिए न्यूनतम प्रभार समाप्त करने का आदेश जारी किया। आलोक कुमार वर्मा और अन्य किसानों ने कंपनी के खिलाफ थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी ने उनके नाम फ्लेक्स पर लिखकर शहर में जगह-जगह बदनाम किया है।

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