अवैध कब्जा: पटवारी की मिलीभगत से चरनोई की भूमि पर हो रहा अतिक्रमण
पटवारी के खिलाफ सीमांकन के दौरान असत्य व अधूरा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आरोप

Betul News : बैतूल। घोड़ाडोंगरी तहसील अंतर्गत आने वाले चोपना क्षेत्र में पटवारी की मिलीभगत से चरनोई की भूमि पर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई है। आवेदक ने पटवारी के खिलाफ सीमांकन के दौरान असत्य व अधूरा प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आरोप लगाया।
शिकायतकर्ता शुभांकर राय पिता निखिल राय ने आरोप लगाया कि पटवारी देवीप्रसाद कुरील द्वारा शिक्षक दिलीप मंडल को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से शासकीय भूमि को दिलीप मंडल का होना बताया जा रहा है, उस जगह पर जिन अतिक्रमणकारियों के बरसों से कब्जे हैं, उनके पूरे नाम अपने प्रतिवेदन में नहीं लिखे है। सीमांकन के दौरान प्रतिवेदन में असत्य जानकारियां तहसीलदार को प्रस्तुत की गई है।
आवेदक ने कलेक्टर को प्रेषित आवेदन में बताया कि ग्राम चोपना नंबर 1 के खसरा नंबर 119 शासकीय घास की भूमि है, में से 119 / 2 का अस्तित्व अपने आप में गैर कानूनी है। इस मामले में कलेक्टर की जांच भी जारी है। जिला भू अभिलेख संशोधन पंजी में खसरा क्रमाक 119 एवं 119/2 का कोई अस्तित्व नहीं है, क्योंकि वह शासकीय भूमि है। चोपना के पटवारी देवीप्रसाद कुरील की सलाह पर शिक्षक दिलीप मंडल पिता विराट मंडल ने 12 जून 2023 को उक्त भूमि का सीमांकन करवाया है। जिसमें पटवारी द्वारा शिक्षक दिलीप मंडल को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से शासकीय भूमि को दिलीप मंडल का होना बताया जा रहा है, उस जगह पर जिन अतिक्रमणकारियों के बरसों से कब्जे हैं, उनके भी पूरे नाम अपने प्रतिवेदन में नहीं लिखे है।
अवैध बंटवारे को लेकर कलेक्टर से की जा चुकी है शिकायत
गौरतलब है कि शुभांकर राय पिता निखिल राय निवासी चोपना का वहां पिछले 30 सालों से अतिक्रमण है, बाकी के अतिक्रमणकारियों के भी अतिक्रमण है। इसकी पूरी जानकारी पटवारी और बाकी के अतिक्रमणकारियों को भी है। पटवारी देवीप्रसाद कुरील द्वारा जान बूझकर शुभांकर राय के अतिक्रमण को अपने प्रतिवेदन में नहीं दिखाया गया, प्रतिवेदन में असत्य जानकारियां तहसीलदार को प्रस्तुत की गई है, ऐसा करना शासकीय सेवा नियमों के खिलाफ है।
शुभांकर राय एवं उसके परिजन ने शासकीय भूमि 119 के अवैध बंटवारे को लेकर कलेक्टर से शिकायत की थी, तहसील की प्राथमिक रिपोर्ट तहसील कार्यालय घोड़ाडोंगरी द्वारा जिला कलेक्टर को प्रस्तुत की गई है, उसमें 119 / 2 को जायज बताया है। जबकि शासकीय भूमि के बटवारे नहीं हो सकते है। 119/2 3 पूरी तरह गैर कानूनी है। यदि वैध भूमि होती तो जिला संसोधन पंजी के रिकार्ड में दर्ज होती जो कि दर्ज नहीं है, इस पूरे मामले में पटवारी देवीप्रसाद की भूमिका अहम है।
119 / 2 की सूक्ष्म एवं गहन जांच कर अमान्य घोषित करने की मांग
आवेदक ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि पटवारी के खिलाफ उचित कार्यवाही कर खसरा क्रमांक 119 शासकीय भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करवाने और 119 / 2 की सूक्ष्म एवं गहन जांच कर इसे अमान्य घोषित की जाए। आवेदक ने बताया कि खसरा नंबर 119 एवं 119 / 2 को लेकर चोपना के कुछ लोगों में गंभीर विवाद होने की संभावना है। जिससे जान-माल की नुकसानी हो सकती है। भविष्य में कोई बड़ा विवाद होने की संभावना है।




