विश्व पृथ्वी दिवस पर छात्रों को दी पर्यावरण बचाने की सीख।
पोस्टर, भाषण प्रतियोगिता से चलाया जागरूकता अभियान ।

बैतूल। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शोधकर्ता डॉ. परेश जे. शाह ने इंजीनियरिंग छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि क्लाइमेट क्लॉक के काउंटडाउन से लोगों को सचेत और चिंतित होना चाहिए, क्योंकि यह पृथ्वी के बढ़ते तापमान की गंभीर भविष्यवाणी करता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पृथ्वी का तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस है, जो अगले 3 वर्ष 90 दिनों में 1.5 डिग्री सेल्सियस तक स्थाई रूप से पहुंच सकता है, जिसके दुष्परिणाम पृथ्वी पर जीवन को झेलने होंगे।
उन्होंने कहा कि तापमान वृद्धि का मुख्य कारण मानव द्वारा अपनी सुविधाओं के लिए उपयोग में लाई जा रही तकनीकों से होने वाला कार्बन उत्सर्जन है। ऐसे में यदि तकनीक जीवनशैली का हिस्सा है तो उसका उपयोग आवश्यकता के अनुसार सीमित करना आवश्यक है। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. अंकित खासदेव एवं प्रो. कपिल पड़लक ने बताया कि पृथ्वी बचाओ की चेतना फैलाने के लिए महाविद्यालय में पोस्टर मेकिंग और स्पीच प्रतियोगिता जैसे आयोजन किए गए, ताकि छात्र अभियान से जुड़ सकें।
कार्यक्रम ‘द फाइनाइट अर्थ मोमेंट’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसकी एक टीम गांव-गांव जाकर जनजागृति का कार्य कर रही है। इस दौरान प्रो. वी.के. पांडे, प्रो. वी.के. मालवी, प्रो. नीलेश मिश्रा, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सभी फैकल्टी सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने मंच से अपने विचार साझा करते हुए बढ़ते तापमान को कम करने के प्रयासों को व्यवहार में लाने पर जोर दिया।




